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kuno national park four cheetah cubs born cheetah population reaches 56
भोपाल। मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। कूनो में भारत में ही जन्मी मादा चीता केजीपी12 ने चार नन्हें शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में चीतों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे चीता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जीवन अपना रास्ता खुद ढूंढ ही लेता है और जीवन की यही प्रकृति इसे और अधिक रोमांचक बनाती है। उन्होंने कहा कि एक समय मध्यप्रदेश में चीतों की संख्या गिनती के बराबर थी, लेकिन आज राज्य में चीतों की संख्या 56 तक पहुंचना संरक्षण प्रयासों की बड़ी उपलब्धि है।
17 सितंबर 2022 को शुरू हुई थी ऐतिहासिक यात्रा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 17 सितंबर 2022 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान से चीता पुनर्स्थापना की ऐतिहासिक यात्रा शुरू हुई थी। इसके बाद से कूनो में चीतों की संख्या लगातार बढ़ी है और अब यहां जन्मे नए शावकों ने इस अभियान को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दी है।
उन्होंने बताया कि चीता पुनर्स्थापना के चार वर्ष पूरे होने के अगले ही दिन, 18 सितंबर को भारत में जन्मी मादा चीता केजीपी12 ने चार शावकों को जन्म दिया। इन शावकों के जन्म से वन विभाग और चीता संरक्षण परियोजना से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों में भी उत्साह है।
कूनो का वातावरण चीतों के लिए बन रहा अनुकूल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चार नन्हें शावक आशा, जीवटता और सफलता के सुंदर प्रतीक हैं। यह उपलब्धि सिर्फ चीतों की संख्या बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकेत भी देती है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान का प्राकृतिक वातावरण चीतों के प्रजनन और संरक्षण के लिए अनुकूल बन रहा है।
उन्होंने कहा कि किसी भी वन्यजीव प्रजाति को नए वातावरण में स्थापित करना एक लंबी और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया होती है। ऐसे में कूनो में चीतों का प्रजनन होना संरक्षण अभियान के लिए उत्साह बढ़ाने वाला परिणाम है।
चीता प्रोजेक्ट से जुड़े अमले को बधाई
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर चीता प्रोजेक्ट से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि चीतों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों का यह सुखद परिणाम है।
चार नए शावकों के जन्म के साथ कूनो में चीता संरक्षण अभियान को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। आने वाले समय में इन शावकों का सुरक्षित विकास और उनका प्राकृतिक वातावरण में जीवन इस परियोजना के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।