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Chief Minister Vishnudev Sai reached Banora Aghor Guru Peeth
रायपुर। परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम के अवतरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शुक्रवार को रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम की प्रतिमा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम से भेंट कर उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री साय ने आश्रम परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों से आत्मीय मुलाकात भी की। आश्रम की परंपरा के अनुरूप उन्होंने सादगी के साथ पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान आश्रम परिसर में श्रद्धा, सेवा और आध्यात्मिकता का वातावरण नजर आया।

नए विद्या मंदिर भवन का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने इसके बाद अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर के नवीन भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर का निरीक्षण करने के साथ विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई विज्ञान प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। बच्चों ने अलग-अलग वैज्ञानिक मॉडल और नवाचार प्रस्तुत किए, जिन्हें मुख्यमंत्री ने रुचि के साथ देखा।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और रचनात्मकता की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों में नए सवाल पूछने, नए विचार विकसित करने और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास पैदा करते हैं।
सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता की परंपरा को आगे बढ़ा रहा बनोरा आश्रम
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अघोरेश्वर भगवान राम का पूरा जीवन मानव सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता के लिए समर्पित रहा। उन्होंने आध्यात्मिक साधना को मानव सेवा से जोड़ते हुए जरूरतमंद और पीड़ित व्यक्ति की सेवा को विशेष महत्व दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बनोरा अघोर गुरु पीठ इसी सेवा परंपरा को लगातार आगे बढ़ा रहा है। आश्रम की ओर से स्वास्थ्य और नेत्र शिविर, जरूरतमंदों की सहायता तथा दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने जैसे कई सेवा कार्य किए जा रहे हैं। समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने की यह भावना प्रेरणादायी है।
आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री ने कहा कि अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर का नया भवन सेवा यात्रा में शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा महत्वपूर्ण अध्याय है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह विद्यालय क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अवसर देगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना भी है। बच्चों में संस्कार, संवेदनशीलता, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी उतना ही जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दौर विज्ञान और तेजी से बदलती तकनीक का है। बच्चों में प्रतिभा और संभावनाओं की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें बेहतर शिक्षा, आधुनिक संसाधन और अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर देने की है।
शिक्षकों को बताया राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री साय ने विद्यालय के शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षक सिर्फ विद्यार्थियों को पढ़ाने का काम नहीं करते, बल्कि उनके व्यक्तित्व और भविष्य को गढ़ते हैं। शिक्षक राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव तैयार करते हैं।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों में ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, संवेदना और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना भी विकसित करें।
अघोरेश्वर भगवान राम से परिवार के पुराने जुड़ाव का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अघोरेश्वर भगवान राम और बनोरा आश्रम से अपने परिवार के पुराने जुड़ाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय केदारनाथ साय, अघोरेश्वर भगवान राम के परम शिष्य थे। इसी वजह से बचपन से ही उनके परिवार में अघोरेश्वर भगवान राम के प्रति श्रद्धा और उनके सेवा-दर्शन का वातावरण रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव बगिया से रायगढ़ आने-जाने के दौरान उन्हें कई अवसरों पर बाबा के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम के प्रति भी श्रद्धा व्यक्त की और कहा कि वर्षों से उनका स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन मिलता रहा है।
8 एकड़ में बना करीब एक लाख वर्गफीट का आधुनिक विद्यालय
अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा द्वारा निर्मित अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर का नया परिसर करीब 8 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है। लगभग एक लाख वर्गफीट में निर्मित जी प्लस-2 भवन में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा और सर्वांगीण विकास का ध्यान रखा गया है।
विद्यालय में 41 कक्षाएं और 9 आधुनिक प्रयोगशालाएं बनाई गई हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय और तकनीक आधारित शिक्षा के लिए स्मार्ट क्लास की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
नर्सरी कक्षा के बच्चों के लिए खेल सामग्री और गतिविधि आधारित शिक्षण की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य प्रारंभिक अवस्था से ही बच्चों के शारीरिक, मानसिक और रचनात्मक विकास को बढ़ावा देना है।
विद्यालय के संचालन के लिए 32 शिक्षक और 14 कार्यालयीन कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है। आधुनिक संसाधनों से लैस यह विद्यालय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासन और संस्कार का वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
ओपी चौधरी ने भी आश्रम की सेवा गतिविधियों को सराहा
कार्यक्रम में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने कहा कि बनोरा आश्रम केवल आध्यात्मिक साधना का केंद्र नहीं है, बल्कि मानव सेवा, शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक सरोकारों का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
उन्होंने कहा कि अघोरेश्वर भगवान राम ने अपने जीवन और कार्यों के जरिए सेवा, दया, करुणा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। बनोरा आश्रम इसी परंपरा को लगातार आगे बढ़ा रहा है। नवीन विद्यालय भवन के निर्माण से आश्रम की सेवा परंपरा में शिक्षा का एक और मजबूत आयाम जुड़ा है।
मानव सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश देता है अघोरेश्वर भगवान राम का जीवन
अघोरेश्वर भगवान राम का जीवन मानव सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता के आदर्शों से जुड़ा रहा। उन्होंने समाज के उपेक्षित, वंचित और पीड़ित लोगों के प्रति संवेदना और सेवा को आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण आधार बनाया।
विशेष रूप से कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के बीच जाकर उनकी सेवा करने और उन्हें सम्मान व अपनत्व देने के उनके प्रयास मानवता के प्रति उनके समर्पण के उदाहरण माने जाते हैं।
उनका जीवन-दर्शन समानता, प्रेम, करुणा और जरूरतमंदों की सहायता की प्रेरणा देता है। उनके द्वारा प्रतिपादित सेवा परंपरा और 19 सूत्रीय सिद्धांतों के अनुरूप विभिन्न आश्रमों और संस्थाओं के माध्यम से सामाजिक एवं मानवीय कार्य आगे बढ़ाए जा रहे हैं।
तीन दशक से सेवा और साधना का केंद्र बना बनोरा
रायगढ़ जिले का ग्राम बनोरा अब आध्यात्मिक साधना के साथ शिक्षा, चिकित्सा और समाज सेवा के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना चुका है। करीब तीन दशक पहले पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम के मार्गदर्शन में यहां अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट की नींव रखी गई थी।
स्थापना के बाद से ट्रस्ट और उससे जुड़ी संस्थाओं की ओर से जरूरतमंदों की सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और सामाजिक संस्कारों से जुड़े कई कार्य संचालित किए जा रहे हैं। बनोरा से शुरू हुई सेवा की यह यात्रा समय के साथ विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों तक पहुंची है।
कार्यक्रम में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुजाता सुकलाल चौहान, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट के पदाधिकारी, संतवृंद, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।