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नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले और सीबीएसई (CBSE) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) विवाद को लेकर जांच कर रही संसदीय समिति ने अब बेहद सख्त रुख अपना लिया है। कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली इस समिति ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और सीबीएसई को तलब करते हुए उनसे लिखित में जवाब मांगा है।
समिति ने एनटीए अफसरों के उन दावों पर भी तीखे सवाल उठाए हैं, जिसमें उन्होंने पिछले हफ्ते कहा था कि उनके सिस्टम से कोई पेपर लीक नहीं हुआ, बल्कि सिर्फ एक 'गेस पेपर' सर्कुलेट हुआ था। समिति ने सीधे तौर पर एनटीए से पूछा है कि उसकी नज़र में 'पेपर लीक' की असली परिभाषा क्या है? इसके साथ ही 2018 से अब तक एनटीए द्वारा कराई गई सभी परीक्षाओं में पेपर लीक होने का पूरा ब्योरा मांगा गया है।
संसदीय समिति ने जांच के दौरान कई गंभीर कमियों को रेखांकित किया है और एनटीए व सीबीएसई से इन बिंदुओं पर जवाब मांगा है। समिति ने पूछा है कि ओएसएम (OSM) सिस्टम का कॉन्ट्रैक्ट 'कोएम्प्ट' (COEMPT) कंपनी को देने से पहले क्या उसकी उचित बैकग्राउंड जांच की गई थी?
क्या बोर्ड को इस बात की जानकारी थी कि इस कंपनी के निदेशक पहले 'ग्लोबारेना टेक्नोलॉजीज' से जुड़े थे? गौरतलब है कि 'ग्लोबारेना टेक्नोलॉजीज' के मूल्यांकन सॉफ्टवेयर को साल 2019 के तेलंगाना इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम विवाद में दोषी पाया गया था। इसके बावजूद इस रिकॉर्ड को नजरअंदाज करने पर सवाल उठाए गए हैं।
नियमों में ढील क्यों दी?
ओएसएम के लिए जारी तीसरे निविदा प्रस्ताव में खराब रिकॉर्ड वाले बोलीदाताओं को अयोग्य करने वाले प्रावधानों को आखिर क्यों हटाया गया? 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग के लिए जहां अत्याधुनिक रोबोटिक स्कैनर का इस्तेमाल होना था, वहां सामान्य स्कैनर का उपयोग करने की छूट क्यों दी गई?
समिति ने इस पूरे परीक्षा तंत्र को खंगालने के लिए एनटीए से उनके आंतरिक ढांचे और मैनपावर की पूरी डिटेल मांगी है। एजेंसी में पिछले तीन साल के दौरान काम कर रहे कुल कर्मियों की संख्या की जानकारी मांगी गई है।
साल 2022 से लेकर अब तक विभाग में की गई सभी नई नियुक्तियों का पूरा विवरण देने के लिए कहा गया है।
इस पूरे मामले पर सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर बयान देते हुए कहा "सार्थक 18 साल के हैं, पर विचार, साहस और सिद्धांतों में वे किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने सीबीएसई और कोएम्प्ट की मिलीभगत को उजागर किया है।" इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी चाहते हैं कि युवा सिर्फ 'रील्स बनाने' पर ध्यान केंद्रित करें और सवाल पूछने से बचें।