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Amit Shah parliament speech
नई दिल्ली: संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद राजनीतिक खींचतान थमती नजर नहीं आ रही है। जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ज्यादती के मामले में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के सदन में बोलने और चर्चा के लिए तैयार होने के बाद भी संसद का गतिरोध नहीं टूट सका है।
कांग्रेस का बदला रुख और 'गोलपोस्ट' बदलना
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विपक्ष का रुख लगातार बदल रहा है। अब तक कांग्रेस पार्टी गृह मंत्री के सदन में आने और पुलिस ज्यादती पर जवाब देने की मांग कर रही थी, लेकिन अब पार्टी राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी पर चर्चा को लेकर अड़ गई है। विपक्ष के इस बदलते रुख को देखते हुए सरकार भी अपनी रणनीति में बदलाव करने में जुट गई है।
सरकार की नई रणनीति और विधायी एजेंडा
मानसून सत्र के बाकी बचे तीन दिनों के दौरान सदन के सुचारू संचालन और महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को पूरा करने के लिए सरकार नए सिरे से रणनीति बना रही है। इस सिलसिले में गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के बीच लंबी बैठक हुई है।
सरकारी सूत्रों का दावा है कि परिसीमन से जुड़े संशोधन को लेकर जरूरी आंकड़ों का समीकरण पूरा हो चुका है, हालांकि इस पर विधेयक लाने को लेकर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है। सरकार सत्र के बाकी दिनों में विदेशी अनुदान विनियमन कानून (FCRA) से जुड़े संशोधन विधेयक और महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पर जोर दे सकती है।
स्पीकर ओम बिरला की विपक्षी दलों से सहयोग की अपील
कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सभी विपक्षी दलों से सदन में गतिरोध खत्म करने और कार्यवाही के सुचारू संचालन में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष की प्रमुख मांग गृह मंत्री के वक्तव्य को लेकर थी और सरकार इसके लिए पूरी तरह तैयार है।
स्पीकर ने विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे सदन में व्यवधान डालने के बजाय चर्चा में भाग लें और विद्यार्थियों से जुड़े विषयों पर अपने विचार सदन में रखें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी दलों को चर्चा और संवाद के जरिए सदन को सार्थक एवं प्रभावी बनाने में अपना सहयोग देना चाहिए।
गौरतलब है कि मानसून सत्र के तीन हफ्ते हंगामे की भेंट चढ़ने के बाद अब बाकी बचे चार दिनों में संसद को पटरी पर लाने के लिए सरकार और लोकसभा अध्यक्ष की ओर से गंभीर पहले तेज कर दी गई हैं।