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red fort vande mataram 80th independence day
नई दिल्ली: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का अवसर इस बार बेहद ऐतिहासिक होने जा रहा है। अस्सी साल पहले तक जिन क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों ने राष्ट्रीय गीत को प्राण-प्राण से गाकर भारत को आजाद कराया था, उसी 'वंदे मातरम्' की गूं भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में लाल किले पर पहली बार सुनाई देगी। रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को इस संबंध में विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी साझा की है।
समारोह की रूपरेखा और मुख्य आकर्षण
रक्षा मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 में 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसी के उपलक्ष्य में इस राष्ट्रीय गीत को पहली बार लाल किले की प्राचीर से गाया जाएगा, जो इसकी स्थायी विरासत को नमन होगा।
समारोह की शुरुआत: स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत में 'वंदे मातरम्' गाया जाएगा।
ध्वजारोहण और राष्ट्रगान: इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे, फिर राष्ट्रगान गाया जाएगा और अंत में प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
युवा शक्ति पर फोकस: 15 अगस्त को इस वर्ष के स्वतंत्रता समारोह का मुख्य विषय 'युवा शक्ति' केंद्रित होगा। यह भारत की युवा जनसंख्या के योगदान को उजागर करेगा, जो 2047 तक एक विकसित भारत बनने की यात्रा में बेहद महत्वपूर्ण है। रक्षा सचिव आरके सिंह ने बताया कि समारोह में युवाओं की सफलता और योगदान का जश्न मनाने की योजना है।
'वंदे मातरम्' का गौरवशाली इतिहास
अमर गीत 'वंदे मातरम्' बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 7 नवंबर, 1875 को लिखा था। यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा का एक महान स्रोत रहा है। यह अमर गीत संस्कृत और बंगाली भाषा के मिश्रण में रचा गया था। यह गीत सबसे पहले 1882 में उनके प्रसिद्ध उपन्यास 'आनंदमठ' में प्रकाशित हुआ था, जिसमें यह एक संन्यासी द्वारा गाया गया है।
राजनीतिक बयानबाजी और संशोधन विधेयक पर चर्चा
हाल ही में मोदी सरकार ने संसद में 'राष्ट्रीय स्थिति के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक' पारित किया है, जिसमें 'जन गण मन' के समान कानूनी स्थिति 'वंदे मातरम्' को प्रदान करता है। इस विधेयक ने लोकसभा में राजनीतिक बहस को जन्म दिया, जिसमें विपक्ष ने इसका विरोध किया और सरकार पर राष्ट्रीय गीत के जरिए "देश को विभाजित" करने का आरोप लगाया।
हालांकि, भाजपा ने संशोधन का बचाव कर कहा कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि भारतीय नागरिक बिना किसी अपमान के 'वंदे मातरम्' के प्रति सम्मान प्रकट कर सकें। पीटीआई के अनुसार, रक्षा सचिव सिंह ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है और आमंत्रितों के लिए बैठने की व्यवस्था प्रोटोकॉल के अनुसार की जाएगी।