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रायपुर: पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कन्या छात्रावास में दूषित पानी की आपूर्ति के चलते 30 से अधिक छात्राओं के पीलिया से ग्रसित होने का मामला सामने आया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 90 से ज्यादा छात्राओं के रक्त नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। घटना से आक्रोशित छात्रों ने शनिवार को प्रशासनिक भवन के सामने धरना प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व एनएसयूआई से जुड़े छात्र नेता पुनेश्वर लहरे ने किया। छात्रों की प्रमुख मांगों में छात्रावास अधीक्षक का तत्काल इस्तीफा, स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था और बीमार छात्राओं का समुचित इलाज शामिल है। प्रदर्शन के दौरान छात्र छात्रावास से बोतलों में भरकर गंदा पानी अपने साथ लाए और अधिकारियों को उसकी वास्तविक स्थिति दिखाई।
धरना स्थल पर पहुंचे कुलपति सच्चिदानंद शुक्ल के साथ छात्रों की तीखी बहस भी हुई। स्थिति की गंभीरता समझने और छात्रों को आश्वस्त करने के लिए कुलपति ने खुद वही दूषित पानी पीकर जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। उनके इस कदम के बाद मामला और चर्चा में आ गया।
छात्रों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से छात्रावास में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही थी, जिससे बड़ी संख्या में छात्राएं बीमार पड़ीं। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार बीमारी की खबरों से इनकार करता रहा और किसी अधिकारी की जवाबदेही तय नहीं की गई। छात्र संगठनों का कहना है कि छात्राओं के स्वास्थ्य के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।