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punjab first state introduce ai education schools 1 to 12
पंजाब सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने स्कूलों में पहली से लेकर 12वीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई को मुख्य विषय के रूप में शुरू किया है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बुधवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की।
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस AI पाठ्यक्रम को फिनलैंड, यूएई और अमेरिका की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा व्यवस्थाओं का गहन अध्ययन करने के बाद तैयार किया गया है। इसके साथ ही, इसे यूनेस्को के एथिकल AI फ्रेमवर्क के अनुरूप भी बनाया गया है ताकि छात्र आधुनिक तकनीक के साथ नैतिक मूल्यों को भी समझ सकें।
इसके तहत विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए लाइव ऑनलाइन क्लासेज और रिकॉर्डेड लेक्चर उपलब्ध कराए जाएंगे। पाठ्यक्रम को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर प्रोजेक्ट आधारित बनाया गया है। छात्रों की प्रगति का नियमित आकलन (Regular Assessment) किया जाएगा। साथ ही पूरी शिक्षा प्रक्रिया को आधुनिक लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए संचालित किया जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में पढ़ाई कराई जाएगी।
पहला चरण: पहले चरण में सरकारी और संबद्ध स्कूलों के 8वीं से 12वीं तक की कक्षाओं के कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रम में AI को जोड़ा जाएगा। इसके तहत पहले चरण में 12,424 कंप्यूटर साइंस शिक्षक इसे लागू करेंगे।
दूसरा चरण: इसके बाद अगली कक्षाओं में और बच्चों की उम्र के अनुसार पहली से 7वीं तक के स्तर पर AI शिक्षा शुरू की जाएगी।
इस पूरी योजना से पंजाब के 25,172 स्कूलों के लगभग 31.5 लाख विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
इस पाठ्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने के लिए सिंगापुर से शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना के तहत 2 लाख से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की तैयारी है ताकि वे छात्रों को AI की बेहतरीन शिक्षा दे सकें। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) की यह पहल राज्य के बच्चों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।