

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

rahul gandhi priyanka gandhi detained opposition protest election commission sir voter list row delhi
नई दिल्ली। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को दिल्ली में जोरदार हंगामे में बदल गया। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। देर शाम पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया।
बताया गया कि दिल्ली पुलिस करीब रात 8 बजे भारी सुरक्षा बल के साथ आकाशवाणी परिसर पहुंची, जहां राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता धरने पर बैठे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं की पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं।
50 सांसदों समेत करीब 250 लोग हिरासत में
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान करीब 50 सांसदों समेत लगभग 250 लोगों को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए नेताओं और प्रदर्शनकारियों को किंग्सवे कैंप स्थित नई पुलिस लाइंस ले जाया गया।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी और आकाशवाणी भवन परिसर में धरना देना गैरकानूनी था। पुलिस ने यह भी कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत अन्य नेताओं को कानून के तहत वहां से हटाया गया।
राहुल गांधी बोले- मुझे बताइए, देश में कहां बैठूं?
धरना खत्म होने के बाद राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि अगर उन्हें यहां से हटाना है तो हटा दें, लेकिन यह भी बताएं कि वह देश में कहां बैठ सकते हैं।
राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वह इंडिया गेट, जंतर-मंतर या सड़क पर भी नहीं बैठ सकते?
उन्होंने चुनाव आयोग और पुलिस पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी नेता चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलकर मतदाता सूची और कथित 'वोट चोरी' के मुद्दे पर सवाल पूछना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
विपक्ष के प्रदर्शन के बाद चुनाव आयोग की ओर से भी बयान जारी किया गया। ECI ने कहा कि शाम 4 बजे तक किसी ने भी मिलने का समय नहीं मांगा था। आयोग के मुताबिक, अधिकारियों से मुलाकात के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है।
चुनाव आयोग ने कहा कि अगर विपक्ष उससे मिलना चाहता है तो वह नियमानुसार मिलने का अनुरोध कर सकता है। आयोग के मुताबिक विपक्ष की मौजूदा मांग निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं थी।
आयोग के गेट पर भी तनाव
प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग मुख्यालय के बाहर भी तनाव की स्थिति बनी। रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और इंडिया ब्लॉक के समर्थकों ने निर्वाचन सदन में प्रवेश करने की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी तीखी झड़प हुई।
वहीं, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य वरिष्ठ विपक्षी सांसद चुनाव आयोग से करीब 100 मीटर दूर स्थित आकाशवाणी परिसर के अंदर धरने पर बैठ गए।
क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने के कारण पुलिस ने परिसर में प्रवेश करने वाले कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
पवन खेड़ा ने सरकार पर बोला हमला
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पुलिस की भारी तैनाती और विपक्षी नेताओं को चुनाव आयोग तक जाने से रोकने पर सरकार और पुलिस पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग आकाशवाणी परिसर से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर है, लेकिन विपक्ष के नेता को वहां जाकर ज्ञापन सौंपने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार डर की वजह से विपक्ष को रोक रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि मौजूदा घटनाक्रम लोकतंत्र की स्थिति पर सवाल खड़े करता है।
किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर साधा निशाना
विपक्ष के प्रदर्शन पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी लगातार चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाते हैं और अब इस तरह के प्रदर्शन को बंद करने का समय आ गया है।
रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव में जनादेश हासिल नहीं कर पाने के बाद चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराती है। उन्होंने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा कार्यकर्ताओं से सीख लेने की सलाह दी और कहा कि जनता की सेवा करने से ही उसका विश्वास हासिल किया जा सकता है।
विपक्ष बोला- आंदोलन और तेज करेंगे
सीपीआई सांसद पी. संदोष कुमार ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को शुरुआत से ही आगे बढ़ने से रोका गया और मौके पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी।
उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी किसी समस्या का समाधान नहीं है और विपक्ष अपना आंदोलन और तेज करेगा। उनके मुताबिक विपक्षी दल इस मुद्दे पर एकजुट होकर आगे की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
SIR को लेकर क्यों आमने-सामने है विपक्ष और चुनाव आयोग?
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया से बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया को नियमों के तहत संचालित किए जाने की बात कह रहा है।
मंगलवार को इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग की ओर मार्च किया। विपक्ष की मांग थी कि उसे चुनाव आयुक्तों से मुलाकात कर अपनी आपत्तियां और ज्ञापन सौंपने का मौका दिया जाए।
हालांकि, चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस के बयानों के बाद मामला और गरमा गया। एक तरफ विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक बता रहा है, तो दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी और निषेधाज्ञा के बावजूद धरना दिया गया।
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत बड़ी संख्या में विपक्षी नेताओं की हिरासत और प्रदर्शन के दौरान हुई धक्का-मुक्की ने SIR को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है।