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रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक ग्रामीण को बिजली के खंभे से बांधकर बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला चक्रधर नगर थाना क्षेत्र के डूमरपाली गांव का है।
अभियोजन के अनुसार, 21 दिसंबर 2024 की देर रात पंचराम सारथी (50) डूमरपाली गांव में विरेन्द्र सिंह सिदार के घर में घुस गए थे। इसके बाद विरेन्द्र सिंह सिदार और अन्य लोगों ने उन्हें पकड़कर बिजली के खंभे से बांध दिया और हाथ, मुक्कों व डंडों से बेरहमी से मारपीट की। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
अगली सुबह मृतक के बेटे अर्जुन सारथी को घटना की जानकारी मिली। वह मौके पर पहुंचा तो उसके पिता बिजली के खंभे के पास मृत अवस्था में पड़े मिले। उनके हाथों की कलाइयों पर रस्सी से बांधने के निशान थे, जबकि सिर और पैरों सहित शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें थीं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने विरेन्द्र सिंह सिदार, अशोक कुमार प्रधान और अजय प्रधान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
मामले की सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार जैन ने पाया कि अशोक कुमार प्रधान और अजय प्रधान के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं, इसलिए उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया। वहीं, मुख्य आरोपी विरेन्द्र सिंह सिदार के खिलाफ हत्या का अपराध सिद्ध होने पर उसे आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक योगेश कुमार प्रधान ने पैरवी की।