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रायपुर। राजधानी रायपुर में कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी देकर 25 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस मामले में तेलीबांधा पुलिस ने शराब कारोबारी अनवर ढेबर के बेटे शोएब ढेबर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। वहीं, पुलिस ने बीजेपी नेता के भांजे टीनू भारद्वाज को भी पूछताछ के लिए थाने बुलाया था।
जांजगीर-चांपा के युवक से शुरू हुई जांच
पुलिस ने इस मामले में इससे पहले जांजगीर-चांपा के एक युवक को गिरफ्तार किया था, जो रायपुर के एक होटल में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करता है। आरोप है कि इसी युवक से आनंद कुकरेजा को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी भरा फोन करवाया गया था।
पुलिस की पूछताछ में सामने आए सुरागों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी को कथित तौर पर इस काम के बदले पैसे भी दिए गए थे। हालांकि, पूरे नेटवर्क और धमकी के पीछे की वास्तविक वजह को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है।
हॉटस्पॉट देकर इंटरनेट कॉल कराने का आरोप
जांच में शोएब ढेबर की भूमिका भी सामने आने का दावा किया गया है। आरोप है कि धमकी देने के लिए की गई इंटरनेट कॉल के दौरान शोएब ने हॉटस्पॉट उपलब्ध कराया था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कॉल कहां से की गई, इसमें कौन-कौन से मोबाइल और इंटरनेट कनेक्शन इस्तेमाल हुए और आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ।
पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल और इंटरनेट कॉल से जुड़े रिकॉर्ड के जरिए पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
शोएब ढेबर से पूछताछ के बाद गिरफ्तारी
शोएब ढेबर को पुलिस ने शनिवार देर रात पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। इसके बाद तेलीबांधा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई है। इस दौरान पुलिस यह पता लगाने में जुटी रही कि धमकी के कथित नेटवर्क में शोएब की भूमिका क्या थी।
पुलिस ने मामले में टीनू भारद्वाज को भी थाने बुलाकर पूछताछ की। इसके अलावा कुछ अन्य युवकों से भी पूछताछ की गई है। पुलिस का फोकस यह पता लगाने पर है कि आनंद कुकरेजा को धमकी देने के पीछे कितने लोग शामिल थे और क्या सभी के बीच पहले से कोई संपर्क था।
क्या एक से ज्यादा लोगों को दी गई धमकी?
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल कर एक से ज्यादा लोगों को धमकी दिए जाने की आशंका की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन घटनाओं के पीछे एक ही नेटवर्क था या अलग-अलग लोगों ने गैंग का नाम इस्तेमाल किया।
पहले एजाज ढेबर को भी मिली थी 50 करोड़ की धमकी
इस मामले के बीच रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर को भी लॉरेंस बिश्नोई और अमन साव गैंग के नाम पर 50 करोड़ रुपए की कथित रंगदारी मांगने वाला फोन मिलने का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की थी।
अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आनंद कुकरेजा को मिली 25 करोड़ की धमकी और पहले सामने आए 50 करोड़ की रंगदारी वाले मामले के बीच कोई संबंध है या नहीं।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल तेलीबांधा पुलिस इस पूरे मामले में गिरफ्तार आरोपियों और पूछताछ के लिए बुलाए गए लोगों से जानकारी जुटा रही है। मोबाइल कॉल, इंटरनेट कॉल, हॉटस्पॉट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
शोएब ढेबर को कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद मामले की जांच जारी है। पुलिस यह स्पष्ट करने में जुटी है कि आनंद कुकरेजा को धमकी दिलाने की कथित साजिश में किसकी क्या भूमिका थी और 25 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के पीछे असली मकसद क्या था।