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Mahadev Betting Case: Abhishek Singh's arrest to reveal many secrets of the Mahadev betting network spanning from hotels and real estate in Dubai to Bhilai.
Mahadev Betting Case: महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में सीबीआई की कार्रवाई के बाद जांच का दायरा और बढ़ता नजर आ रहा है। सीबीआई ने वांछित आरोपित अभिषेक कुमार सिंह उर्फ मोटा को हैदराबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान उसके कथित कारोबार, हवाला नेटवर्क और संपत्तियों से जुड़ी कई जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिषेक मूल रूप से भिलाई के खुर्सीपार का रहने वाला है और लंबे समय से दुबई में रह रहा था। उसके दुबई में होटल और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े होने के साथ ही भिलाई और आसपास के इलाकों में कथित बेनामी संपत्तियों की जांच भी की जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अभिषेक की गिरफ्तारी के बाद भिलाई और रायपुर क्षेत्र में उसके संपर्क में रहने वाले करीब 20 से 25 लोगों के मोबाइल बंद होने की जानकारी सामने आई है। सीबीआई इन लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन और अभिषेक के साथ संपर्क की कड़ियों की पड़ताल कर रही है।दो दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद अभिषेक को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अभिषेक हाल ही में दुबई से भारत आया था। दावा है कि वह भिलाई निगम चुनाव में अपने एक करीबी के लिए टिकट दिलाने को लेकर बातचीत और पैरवी करने आया था। इसके बाद जब वह वापस दुबई जाने के लिए हैदराबाद एयरपोर्ट पहुंचा, तभी सीबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अभिषेक वर्ष 2016 में महादेव एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के संपर्क में आया था। इसके बाद वह शुभम सोनी समेत सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संपर्क में आया। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि 2020 के बाद उसने दुबई से सट्टा पैनल संचालन, फंड जुटाने और हवाला नेटवर्क से जुड़े काम में भूमिका निभाई। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित सट्टा कारोबार से हासिल रकम का इस्तेमाल किन माध्यमों से किया गया और भारत तथा विदेश में किन संपत्तियों में निवेश हुआ।
जांच के केंद्र में अभिषेक की दुबई स्थित कारोबारी गतिविधियां भी हैं। बताया जा रहा है कि सट्टा नेटवर्क से जुड़ने के बाद उसने दुबई में रियल एस्टेट कारोबार शुरू किया और वहां क्लब तथा होटल कारोबार में निवेश किया।इसके अलावा भिलाई, रायपुर और आसपास के इलाकों में जमीनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े लेनदेन की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल धन का स्रोत क्या था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुबई में रहने के दौरान अभिषेक ने भिलाई और खुर्सीपार के कई युवाओं को वहां बुलाया और उन्हें कथित तौर पर सट्टा पैनल संचालन से जुड़े काम में लगाया। करीब दो साल पहले दुर्ग-भिलाई से बड़ी संख्या में युवक-युवतियों के महादेव सट्टा नेटवर्क के लिए दुबई जाने की जानकारी भी सामने आई थी।हालांकि, इन दावों और अभिषेक की संपत्तियों से जुड़ी जानकारियों की अंतिम पुष्टि जांच एजेंसी की जांच और अदालत में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
अभिषेक से पूछताछ के आधार पर सीबीआई अब उसके संपर्कों, कथित हवाला नेटवर्क, सट्टा पैनल और संपत्तियों से जुड़े लोगों की भूमिका खंगाल रही है। महादेव एप मामले में पहले भी जांच एजेंसियां सट्टा नेटवर्क और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन पर कार्रवाई करती रही हैं।