

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Spurious liquor was being sold across the country using fake holograms and labels; the main kingpin was arrested in Haryana, and seven individuals including two real brothers were sent to jail.
महासमुंद। सरायपाली पुलिस ने नकली शराब के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, सिंडिकेट नकली होलोग्राम और फर्जी लेबल के जरिए अवैध अंग्रेजी शराब को असली बताकर अलग-अलग राज्यों में सप्लाई कर रहा था। कार्रवाई के दौरान हरियाणा के गुड़गांव से कथित मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया गया है। मामले में दो सगे भाइयों समेत कुल सात आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
पुलिस की कार्रवाई में कुल 370 पेटी यानी करीब 3,229.86 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई है। जब्त शराब की कीमत करीब 22.15 लाख रुपये बताई गई है।इसके अलावा पुलिस ने कंटेनर ट्रक, डस्टर और क्रेटा कार समेत तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 50.30 लाख रुपये है।
पुलिस के मुताबिक, नकली होलोग्राम, फर्जी लेबल, बोतल और शराब से भरे कंटेनर उपलब्ध कराने वाले कथित अंतरराज्यीय सरगना धीरज आहूजा को हरियाणा के गुड़गांव से गिरफ्तार किया गया है। वह फरीदाबाद का निवासी बताया गया है।आबकारी विभाग की जांच में शराब की बोतलों पर लगे होलोग्राम और लेबल के फर्जी पाए जाने के बाद मामले में आबकारी अधिनियम के साथ भारतीय न्याय संहिता की संगठित अपराध और कूटरचित दस्तावेजों से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
गिरफ्तार आरोपितों में राजेश पटेल निवासी भंवरपुर, अजित पटेल और अमित पटेल निवासी कुटेला, सरायपाली, विनय सिंह ठाकुर निवासी रायगढ़, धीरज आहूजा निवासी हरियाणा और सरायपाली के आयुष महापात्र व स्वरूप सिंह सलूजा के नाम सामने आए हैं।पुलिस के अनुसार, अमित और अजित पटेल सगे भाई हैं। दोनों पहले भी वर्ष 2022 में शराब से जुड़े मामले में पकड़े जा चुके हैं।
जांच में पुलिस को इस साल चार कंटेनर शराब की सप्लाई किए जाने की जानकारी मिलने की बात कही गई है। बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क के जरिए महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों तक शराब पहुंचाई जाती थी।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली लेबल, होलोग्राम, बोतलें और अन्य सामान कहां से लाया जाता था। साथ ही नेटवर्क से जुड़े दूसरे ठिकानों और लोगों की भी तलाश की जा रही है।
राजनांदगांव के मोहारा में सामने आए अवैध बॉटलिंग यूनिट के मामले में भी पुलिस ने दो फरार आरोपितों महेंद्र वर्मा उर्फ बड़ा कट्टी और रमाशंकर राजपूत उर्फ बाबा ठाकुर को गिरफ्तार किया है।दोनों की निशानदेही पर मोहारा और धमतरी जिले के एक फार्म हाउस में रखी करीब 9,600 पौवा शराब बरामद की गई। पुलिस के मुताबिक, शराब उत्तराखंड की बताई जा रही है और इसकी कीमत करीब चार लाख रुपये है।
पुलिस के अनुसार, मोहारा में दूसरे राज्य से लाई गई शराब को छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के होलोग्राम और लेबल लगी बोतलों में भरकर बेचने का कथित खेल चल रहा था। पहले इस मामले में 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था और उनके पास से खाली बोतलें, नकली लेबल और ढक्कन बरामद किए गए थे।दो और गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में आरोपितों की संख्या 14 हो गई है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि शराब पर लेबल बदलने का काम कहां किया जाता था और इस नेटवर्क का संबंध दूसरे राज्यों में सक्रिय शराब कारोबारियों से कितना गहरा है।