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Raipur News Today: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पटेवा स्थित एकेडमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल में अनुशासन के नाम पर चौथी कक्षा के छात्र की चोटी काटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल में छात्र के लंबे बालों की चोटी बनाकर कैंची से काट दिया गया। घटना के बाद बच्चा स्कूल जाने से डरने लगा और आखिरकार परिजनों ने अप्रैल 2026 में उसका दाखिला दूसरे स्कूल में करा दिया। मामले में शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर गोबरा नवापारा पुलिस ने स्कूल की प्राचार्य पल्लवी मरार के खिलाफ FIR दर्ज की है।
पुलिस ने किशोर न्याय (बालकों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75 के तहत मामला दर्ज किया है। जांच रिपोर्ट में बच्चे को मानसिक परेशानी और शारीरिक असुविधा होने का उल्लेख किया गया है।
अनुशासन के नाम पर काटी छात्र की चोटी
मामला 15 अक्टूबर 2025 का बताया जा रहा है। शिकायत के मुताबिक, एकेडमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले चौथी कक्षा के छात्र के लंबे बालों की चोटी बनाकर उसे कैंची से काट दिया गया था।

इस घटना के बाद बच्चे की मानसिक स्थिति पर असर पड़ने की बात सामने आई। परिजनों के अनुसार, बच्चा स्कूल जाने से डरने लगा था। इसके बाद परिवार ने मामले की शिकायत की और शिक्षा विभाग से जांच कराने की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने दो प्राचार्यों की टीम गठित कर जांच कराई। जांच रिपोर्ट के आधार पर अब स्कूल की प्राचार्य के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की है।
शिक्षा विभाग की टीम ने दर्ज किए बयान
शिक्षा विभाग के निर्देश पर गठित दो प्राचार्यों की टीम ने 31 जुलाई 2026 को स्कूल पहुंचकर मामले की जांच की। इस दौरान छात्र और उसके माता-पिता के बयान दर्ज किए गए। साथ ही स्कूल की प्राचार्य और संबंधित शिक्षकों से भी पूछताछ की गई।
जांच में घटना से जुड़े अलग-अलग पक्षों को सुना गया और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। रिपोर्ट में बच्चे को घटना के बाद मानसिक परेशानी होने और स्कूल जाने में डर महसूस करने जैसी बातों का उल्लेख किया गया।
जांच दल ने स्कूल प्रबंधन और संबंधित शिक्षकों को भविष्य में इस तरह का व्यवहार नहीं करने की चेतावनी देने की अनुशंसा भी की थी।
मेडिकल रिपोर्ट में नींद की परेशानी और चिड़चिड़ेपन का जिक्र
मामले की जांच के दौरान रायपुर के धन्वंतरी अस्पताल की 5 जून 2026 की चिकित्सकीय रिपोर्ट को भी शामिल किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चे को नींद में परेशानी, चिड़चिड़ापन और स्कूल जाने से डरने जैसी समस्याएं थीं। घटना के बाद उसकी स्कूल में उपस्थिति भी अनियमित हो गई थी।
परिस्थितियों को देखते हुए परिजनों ने अप्रैल 2026 से बच्चे का दाखिला दूसरे स्कूल में करा दिया। इस तरह बाल काटने की घटना के बाद बच्चे की पढ़ाई और स्कूल में नियमित उपस्थिति भी प्रभावित होने की बात सामने आई।
गणित के शिक्षक पर कान मरोड़ने का भी आरोप
जांच के दौरान छात्र ने एक और आरोप लगाया। उसके मुताबिक, होमवर्क अधूरा होने पर गणित के शिक्षक अजय कुमार देवांगन ने उसका कान मरोड़ा था।
हालांकि, जांच के दौरान शिक्षक ने छात्र को शारीरिक दंड देने से इनकार किया। इस मामले में दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए हैं।
वहीं, प्राचार्य पल्लवी मरार ने बच्चों के बाल व्यवस्थित कराने की बात स्वीकार की। शिक्षा विभाग की टीम ने मामले से जुड़े तथ्यों और बयानों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार की।
प्राचार्य पल्लवी मरार के खिलाफ FIR, पुलिस जांच जारी
शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर गोबरा नवापारा पुलिस ने स्कूल की प्राचार्य पल्लवी मरार के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के तहत मामला दर्ज किया है।
यह धारा बच्चों के प्रति क्रूरता से जुड़े मामलों से संबंधित है। पुलिस अब घटना की परिस्थितियों, शिकायत और जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
हालांकि, FIR दर्ज होने का अर्थ आरोपों का न्यायिक रूप से सिद्ध होना नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।
Raipur School News: स्कूलों में बच्चों के साथ व्यवहार पर उठे सवाल
इस घटना ने स्कूलों में अनुशासन लागू करने के तरीकों और बच्चों के साथ शिक्षकों के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। शिक्षा संस्थानों में अनुशासन जरूरी है, लेकिन बच्चों की गरिमा, सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
अब मामले में पुलिस जांच के नतीजों पर नजर रहेगी। साथ ही, यह देखना होगा कि स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग बच्चों के साथ इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाते हैं।