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Mahasamund: CM Vishnu Deo Sai visits Ramchandi Temple; announces construction of a dome worth ₹50 lakh on the temple premises.
महासमुंद। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को महासमुंद जिले के बसना विकासखंड अंतर्गत गढ़फुलझर स्थित मां रनेश्वर रामचंडी मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की। इस दौरान पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा और बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं समाज के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गढ़फुलझर में विकास कार्यों की जानकारी देते हुए मंदिर परिसर में 50 लाख रुपये की लागत से भव्य डोम निर्माण कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्र के विकास, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्ष 2024 में गढ़फुलझर के विकास को लेकर किए गए वादे अब पूरे हो रहे हैं। क्षेत्र में 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित सर्वमंगल भवन का लोकार्पण किया गया है। इसके अलावा 48 लाख रुपये की लागत से मानसरोवर तालाब के सौंदर्यीकरण का कार्य और लगभग पौने दो किलोमीटर सड़क का निर्माण जारी है। सड़क निर्माण पर करीब 3.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा और सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कोलता समाज की सराहना करते हुए कहा कि समाज शिक्षा, समृद्धि और सामाजिक मूल्यों के प्रति समर्पित है तथा दूसरे समाजों का मार्गदर्शन करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता से लागू कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पहले आवास से वंचित 18 लाख गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया गया है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1,600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है।
उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों के लिए आवास स्वीकृति और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री साय ने महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने किसानों से किए गए वादों को पूरा करने, तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभ पहुंचाने और श्रमिकों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, श्रमिकों और गरीब परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही है। योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इस सुविधा का उपयोग कर सकते हैं। शिकायतों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।
उन्होंने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की लगभग 700 सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न सेवाओं और वित्तीय लेन-देन को आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से डिजिटल सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार धार्मिक स्थलों के विकास के साथ होम-स्टे जैसी सुविधाओं को बढ़ावा देने पर भी काम कर रही है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो सकेंगे।
उन्होंने सिरपुर बैराज और सिकासेर-कोडार लिंक परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों को लाभ मिलेगा और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।मुख्यमंत्री ने गढ़फुलझर क्षेत्र में सैनिक स्कूल की स्थापना के संबंध में प्रस्ताव भेजने तथा अन्य मांगों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात भी कही।
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने गढ़फुलझर आगमन को सौभाग्य का विषय बताते हुए रामचंडी मंदिर की धार्मिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र आध्यात्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है।
उन्होंने क्षेत्र में गुरुद्वारे के निर्माण और लक्ष्मी-नारायण मंदिर के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि इन गतिविधियों से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। नवनिर्मित सर्वमंगल भवन को सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कोलता समाज की मेहनतकश प्रवृत्ति और कृषि क्षेत्र में योगदान की सराहना की।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता दे रही है। छत्तीसगढ़ के किसान धान उत्पादन और देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी ने चतुर्दशी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री की उपस्थिति को क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि गढ़फुलझर श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है तथा इसके विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कोलता समाज को उदार, मिलनसार और सभी समाजों एवं वर्गों को साथ लेकर चलने वाला समाज बताया। सांसद ने सिरपुर के यूनेस्को की विश्व धरोहर की संभावित सूची में शामिल होने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। साथ ही रामचंडी मंदिर की सीढ़ियों के लिए शेड निर्माण हेतु सांसद निधि से राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की।
बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने वार्षिक स्नेह सम्मेलन एवं बंधु मिलन कार्यक्रम को सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने वाला अवसर बताया। उन्होंने कहा कि कोलता समाज शिक्षा, सेवा और कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
विधायक ने गढ़फुलझर अंचल में सैनिक स्कूल की स्थापना, ग्राम पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा और लोअर जोंक वृहद जलाशय के निर्माण की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।
कार्यक्रम में बिजेपुर विधायक सनत गढ़तिया, अताबीरा विधायक निहाररंजन महानंद, बरगढ़ विधायक अश्विनी षढ़ंगी, पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा पटेल, जिला पंचायत सदस्य मोक्ष प्रधान, गढ़फुलझर सरपंच हरप्रीत कौर, भाजपा जिला अध्यक्ष एतराम साहू और छत्तीसगढ़ कोलता समाज के अध्यक्ष भुवनेश्वर सदावर्ती सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं समाज के पदाधिकारी उपस्थित रहे।