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मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में रविवार सुबह एक बहुत बड़ा रेल हादसा होने से बाल-बाल टल गया। त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) से दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन जा रही गाड़ी संख्या 12431 राजधानी एक्सप्रेस में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते ट्रेन के दो डिब्बे धू-धू कर जलने लगे। इस हादसे के कारण दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पूरी तरह से ठप हो गया है, जिससे मुंबई-जयपुर सुपरफास्ट (12955) समेत इस रूट पर चलने वाली कई प्रमुख ट्रेनों के पहिए जहां-तहां थम गए हैं। गनीमत यह रही कि समय रहते सभी 68 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
सुबह 5:15 बजे गहरी नींद में सो रहे थे यात्री, तभी भड़कीं लपटें
रेलवे से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा रविवार सुबह करीब 05:15 बजे नागदा-कोटा रेल खंड पर लूणी रीछा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशनों के बीच हुआ। ट्रेन तेज रफ्तार में दिल्ली की ओर बढ़ रही थी, तभी अचानक एसी कोच बी-1 (B-1) में एसएलआर (SLR) के पास से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं।
शुरुआती जांच के मुताबिक, आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) मानी जा रही है। आग इतनी तेजी से फैली कि इसने बी-1 कोच और उससे लगी पैंट्री कार को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगते ही बोगियों के भीतर काला धुआं भर गया और ट्रेन के सेफ्टी हूटर बजने लगे, जिससे सुबह-सुबह गहरी नींद में सो रहे यात्रियों के बीच भारी दहशत, चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।
गार्ड और ड्राइवर की मुस्तैदी ने टाला बड़ा हादसा
हादसे के वक्त ट्रेन मैनेजर और गार्ड ने गजब की मुस्तैदी दिखाई। बी-1 कोच से लपटें उठती देख गार्ड ने बिना वक्त गंवाए तुरंत लोको पायलट (ड्राइवर) को वायरलेस पर इसकी सूचना दी, जिसके बाद इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को तुरंत ट्रैक पर ही रोक दिया गया।
आग को पूरी ट्रेन में फैलने से रोकने के लिए रेल कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाई और प्रभावित बी-1 कोच और पैंट्री कार को मुख्य ट्रेन से काटकर तुरंत अलग कर दिया। इसके साथ ही दुर्घटनास्थल पर ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) की बिजली सप्लाई बंद की गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।
सभी 68 यात्री सुरक्षित, कोटा में जोड़ा जाएगा नया कोच
पश्चिम मध्य रेल जोन के CPRO हर्षित श्रीवास्तव ने बताया कि, “जैसे ही सूचना मिली, रेलवे विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी यात्रियों को डिबोर्ड (ट्रेन से बाहर) कराया। समय रहते कार्रवाई होने के कारण किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई है। प्रभावित यात्रियों को तत्काल ट्रैक के किनारे लाकर रिफ्रेशमेंट, भोजन और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई गई।”
यात्रियो को फिलहाल ट्रेन के अन्य कोचों में ही एडजस्ट किया गया है, जिन्हें लेकर ट्रेन कोटा तक जाएगी। कोटा स्टेशन पर ट्रेन में एक अतिरिक्त नया कोच जोड़ा जाएगा, जिसके बाद सभी यात्री अपनी बर्थ पर आगे का सफर तय कर सकेंगे।
आला अधिकारी मौके पर, जांच के आदेश जारी
घटनास्थल राजस्थान के कोटा रेल मंडल क्षेत्र में आने के कारण कोटा से वरिष्ठ अधिकारियों की टीम तुरंत रवाना हो गई। वहीं पास होने के कारण रतलाम रेल मंडल के डीआरएम अश्वनी कुमार भी पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। रतलाम कंट्रोल से तुरंत एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (ART) और टावर वैगन को रवाना कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आग के सटीक कारणों की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं और ठप पड़े ट्रैक को सुचारू करने के प्रयास युद्धस्तर पर जारी हैं।