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नई दिल्ली। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रहे रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से मंजूर कर लिया। बिट्टू के इस्तीफे के बाद अब राजनीतिक गलियारों में उनकी नई भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है और इसी रणनीति के तहत रवनीत सिंह बिट्टू को राज्य की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें चुनावी अभियान का प्रमुख चेहरा बना सकती है या फिर किसी महत्वपूर्ण विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतार सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक भाजपा या रवनीत सिंह बिट्टू की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
राजस्थान से बने थे राज्यसभा सांसद
रवनीत सिंह बिट्टू 27 अगस्त 2024 को राजस्थान से निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। उनका राज्यसभा कार्यकाल 21 जून 2026 तक रहा। इसके साथ ही वे केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं बिट्टू
रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बेअंत सिंह के पोते हैं। पंजाब की राजनीति में उनका परिवार लंबे समय से प्रभावशाली माना जाता है। राजनीतिक विरासत के साथ-साथ बिट्टू ने भी राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है।
कांग्रेस से भाजपा तक का राजनीतिक सफर
रवनीत सिंह बिट्टू ने 24 मार्च 2024 को भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। इससे पहले वे लंबे समय तक कांग्रेस में रहे और 11 मार्च 2021 से 18 जुलाई 2021 तक लोकसभा में कांग्रेस के नेता के रूप में भी कार्य किया।
लोकसभा चुनावों में उन्होंने 2009 में आनंदपुर साहिब सीट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2014 और 2019 के आम चुनावों में लुधियाना लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाया गया था।
पंजाब में भाजपा की नई रणनीति
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि भाजपा आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर नई रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी राज्य में अपने संगठन को मजबूत करने और नए सामाजिक समीकरण बनाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में रवनीत सिंह बिट्टू को पंजाब की सक्रिय राजनीति में उतारकर भाजपा अपने जनाधार का विस्तार करना चाहती है।
बताया जा रहा है कि पार्टी ने उनके लिए व्यापक चुनावी योजना तैयार की है। वे संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और चुनावी अभियान को धार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी या विधानसभा चुनाव में किसी प्रमुख सीट से उम्मीदवार बनाया जाएगा। लेकिन उनके इस्तीफे को भाजपा की पंजाब रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
फिलहाल, पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि रवनीत सिंह बिट्टू आने वाले समय में पंजाब भाजपा का प्रमुख चेहरा बन सकते हैं।