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रायगढ़। (Raygarh Lawyer Murder Case) छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से चार दिन पहले सामने आए सनसनीखेज महिला अधिवक्ता (वकील) आराधना सिदार हत्याकांड की अंधी गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि मृतका का सगा प्रेमी लोकनाथ पटेल ही निकला। पुलिस जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे किसी के भी होश उड़ाने के लिए काफी हैं। शादी के लगातार बन रहे दबाव से पीछा छुड़ाने के लिए प्रेमी ने पहले आराधना की जान ली, फिर पहचान छिपाने के लिए दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं।
डेम के पास मिली थी निर्वस्त्र लाश, दहल गया था इलाका
यह पूरा मामला पूंजीपथरा थाना क्षेत्र का है। चार दिन पहले तुमीडीह डेम (बांध) के पास एक अज्ञात महिला की निर्वस्त्र लाश मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। शव की हालत इतनी भयावह थी कि कातिल ने बड़े पत्थर से सिर और चेहरे को इस कदर कुचला था कि पहली नजर में पहचान करना नामुमकिन था। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जब बारीकी से तफ्तीश शुरू की, तो मृतका की पहचान स्थानीय महिला अधिवक्ता आराधना सिदार के रूप में हुई।
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पुलिस पूछताछ और साइबर सेल की जांच में इस अंधी हत्या कांड की परत-दर-परत कहानी सामने आई। आरोपी लोकनाथ पटेल और वकील आराधना सिदार के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। आराधना लगातार लोकनाथ पर शादी करने का दबाव बना रही थी, जबकि आरोपी इस शादी से बचना चाहता था। इसी बात को लेकर दोनों में अक्सर विवाद होता था। घटना वाले दिन आरोपी ने आराधना को रास्ते से हटाने का मन बना लिया था। वह उसे 'लॉन्ग ड्राइव' और घुमाने के बहाने खरसिया क्षेत्र के घने जंगल में ले गया। जंगल में एक बार फिर दोनों के बीच शादी को लेकर हाई-वोल्टेज ड्रामा और बहस शुरू हुई। गुस्साए लोकनाथ ने तैश में आकर आराधना का गला घोंट दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पहचान मिटाने के लिए उतारा मौत के घाट, कपड़े भी फेंके। हत्या करने के बाद भी आरोपी का दिल नहीं पसीजा। उसने कानून की नजरों से बचने के लिए बेहद शातिराना और क्रूर तरीका अपनाया।
उसने मौके पर पड़े एक भारी-भरकम पत्थर से आराधना के चेहरे और सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, ताकि कोई हुलिया न पहचान सके। पुलिस जांच को पूरी तरह भटकाने और मामले को 'दुष्कर्म' का रूप देने की नीयत से उसने शव के सारे कपड़े उतारे और उन्हें जंगल में अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया। वारदात को अंजाम देकर आरोपी चुपचाप अपने घर लौट आया। उसने अपनी दिनचर्या ऐसी रखी जैसे कुछ हुआ ही न हो, ताकि किसी को उस पर रत्ती भर भी शक न हो।
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कातिल खुद को बहुत शातिर समझ रहा था, लेकिन वह रायगढ़ पुलिस के साइबर विंग की नजरों से नहीं बच सका। घटनास्थल से मिले सुरागों के बाद जब पुलिस ने मृतका के कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाले, तो पता चला कि वह आखिरी बार लोकनाथ के साथ थी।
पुलिस ने मोबाइल टावर लोकेशन ट्रेस की, जिससे साफ हो गया कि घटना के वक्त दोनों की लोकेशन खरसिया के जंगल में एक साथ थी। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी लोकनाथ को सक्ती क्षेत्र से दबोच लिया। शुरू में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने स्क्रीन पर उसकी मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड्स का कच्चा चिट्ठा सामने रखा, तो कातिल टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।