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कोरबा: साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने अपने कोयला क्षेत्रों में हो रहे अवैध खनन और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए एक 'इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' की स्थापना की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
आम नागरिक भी दे सकेंगे सूचना
कोयला कंपनी ने अवैध गतिविधियों की सूचना देने के लिए एक टोल-फ्री नंबर 1800-233-0494 जारी किया है। इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति सीधे कंट्रोल रूम को जानकारी दे सकता है। इसके अलावा, कोयला मंत्रालय का 'खनन प्रहरी' ऐप भी उपलब्ध है, जिसके जरिए आम लोग भी अवैध खनन के खिलाफ अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।
तकनीक से होगी वाहनों की निगरानी
कोयला परिवहन में लगी गाड़ियों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) सिस्टम के जरिए इन वाहनों की ट्रैकिंग की जा रही है, जिससे चालकों द्वारा रूट बदलने जैसी अनियमितताओं का तुरंत पता लगाया जा सकेगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कोयला क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती रही है। वर्तमान में SECL खदानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी विभागीय सुरक्षा गार्डों, CISF और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के जवानों के हाथों में है। आए दिन सामने आने वाली डीजल, कबाड़ और कोयले की चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए अब सुरक्षा एजेंसियां और भी अधिक सतर्क हो गई हैं।