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रायपुर। राजधानी रायपुर के नया रायपुर स्थित सेंध लेक के आसपास स्वतंत्रता दिवस के मौके पर युवाओं की स्टंटबाजी और यातायात नियमों की अनदेखी पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। छुट्टी और विशेष अवसरों पर सेंध लेक के आसपास युवाओं की भीड़ जुटने तथा बाइक से खतरनाक स्टंट किए जाने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मंदिर हसौद पुलिस ने 15 अगस्त को विशेष चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले तीन दर्जन से अधिक दोपहिया वाहनों को जब्त किया, जबकि नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़े 59 वाहनों के खिलाफ ई-चालान की कार्रवाई की गई।
पुलिस के मुताबिक सेंध लेक और आसपास के इलाकों में छुट्टियों तथा विशेष मौकों पर बड़ी संख्या में युवक बाइक लेकर पहुंचते हैं। इस दौरान कुछ युवाओं द्वारा तेज रफ्तार में वाहन चलाने और सार्वजनिक स्थानों पर स्टंट करने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। ऐसे कृत्यों से सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मंदिर हसौद पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस के दिन विशेष चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस टीमों ने सेंध लेक के आसपास अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग प्वाइंट बनाए और वहां से गुजरने वाले वाहनों की जांच की।
चेकिंग के दौरान कई दोपहिया वाहनों पर निर्धारित संख्या से अधिक सवारी बैठी मिली। कुछ युवक तेज रफ्तार में वाहन चलाते और स्टंट करते हुए भी पाए गए। पुलिस ने ऐसे वाहन चालकों को रोककर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की। नियमों का उल्लंघन करने वाले तीन दर्जन से अधिक दोपहिया वाहनों को जब्त किया गया।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि सार्वजनिक सड़कों और पर्यटन स्थलों के आसपास बाइक से स्टंट करना केवल यातायात नियमों का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि चालक और आसपास मौजूद लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा है।
अभियान के दौरान पुलिस ने नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ भी सख्ती दिखाई। ऐसे 59 वाहनों पर ई-चालान जारी किए गए। पुलिस ने वाहन चालकों को निर्धारित पार्किंग स्थल का इस्तेमाल करने और सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से वाहन खड़ा नहीं करने की हिदायत दी।
विशेष चेकिंग के दौरान नाबालिगों के वाहन चलाने के मामले भी सामने आए। पुलिस ने ऐसे मामलों में नाबालिगों के परिजनों को थाने बुलाकर समझाइश दी। अधिकारियों ने अभिभावकों से कहा कि कम उम्र के बच्चों को वाहन चलाने के लिए देना गंभीर लापरवाही है। इससे न केवल बच्चे की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के लिए भी दुर्घटना का जोखिम बढ़ जाता है।
पुलिस ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने नाबालिग बच्चों को दोपहिया या अन्य वाहन चलाने की अनुमति न दें और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
मंदिर हसौद पुलिस ने अभियान के दौरान वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, दोपहिया वाहन पर निर्धारित संख्या से अधिक सवारी नहीं बैठाने और तेज रफ्तार से वाहन नहीं चलाने की हिदायत दी। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर स्टंटबाजी से पूरी तरह बचने को कहा गया।
पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि वाहन चालकों और उनके परिजनों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर सड़क दुर्घटना का कारण बन सकती है।
मंदिर हसौद निरीक्षक आशीष यादव ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। पुलिस विशेष अवसरों और छुट्टियों के दौरान ऐसे स्थानों पर निगरानी बढ़ाएगी, जहां बड़ी संख्या में लोग और युवा एकत्रित होते हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि सेंध लेक और आसपास के क्षेत्रों में यातायात नियमों की अनदेखी, खतरनाक स्टंटबाजी, नाबालिगों के वाहन चलाने और नो-पार्किंग में वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ अब सख्ती जारी रहेगी।