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shrikant purohit promoted brigadier army news
भारतीय सेना ने लंबे विवाद और कानूनी लड़ाई के बाद कर्नल श्रीकांत पुरोहित को ब्रिगेडियर रैंक पर प्रमोशन देने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला उनके करियर के लिए एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि पिछले 17 सालों से वे कानूनी जटिलताओं में उलझे रहे थे।
दरअसल, पुरोहित 31 मार्च 2026 को रिटायर होने वाले थे, लेकिन Armed Forces Tribunal (AFT) ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी रिटायरमेंट पर रोक लगा दी थी। ट्रिब्यूनल ने माना कि उन्हें अपने जूनियर्स के बराबर प्रमोशन और लाभ मिलना चाहिए।
साल 2008 में 2008 Malegaon blasts मामले में गिरफ्तारी के बाद पुरोहित का सैन्य करियर लगभग ठहर गया था। हालांकि, 2017 में Supreme Court of India से जमानत मिलने के बाद वे सेवा में लौटे, लेकिन प्रमोशन और सीनियरिटी का मामला लंबे समय तक अटका रहा।
31 जुलाई 2025 को मुंबई की विशेष National Investigation Agency (NIA) अदालत ने सबूतों की कमी और अभियोजन पक्ष की कमजोर दलीलों के आधार पर उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। इसके बाद सितंबर 2025 में उन्हें पूर्ण कर्नल के पद पर पदोन्नत किया गया।
16 मार्च 2026 को जस्टिस राजेंद्र मेनन की अध्यक्षता वाली AFT बेंच ने कहा कि पुरोहित के पास प्रमोशन का मजबूत आधार है। ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया कि उनकी शिकायत का समाधान होने तक रिटायरमेंट रोकी जाए।
सूत्रों के अनुसार, ब्रिगेडियर रैंक की मंजूरी को उनके जेल और ट्रायल के दौरान खोए गए वर्षों की आंशिक भरपाई के रूप में देखा जा रहा है। यदि उनका करियर बाधित नहीं होता, तो वे अपने बैच के अन्य अधिकारियों की तरह अब तक वरिष्ठ नेतृत्व पदों, यहां तक कि मेजर जनरल तक पहुंच सकते थे।