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बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर बढ़ते विवाद के बीच पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले को लेकर लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शन और विभिन्न संगठनों व राजनीतिक दलों के दबाव के बीच सिमगा थाना प्रभारी धीरेंद्र दुबे को लाइन अटैच कर दिया गया है। यह कार्रवाई एसपी गौरव राय के निर्देश पर की गई है। मामले की जांच जारी है और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही गई है।
गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान बिगड़ा माहौल
दरअसल, शनिवार रात सिमगा में गणेश उत्सव के तहत विसर्जन झांकी निकाली जा रही थी। इसी दौरान पुलिस और लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया। घटना के बाद से ही सिमगा में आक्रोश का माहौल बन गया।
लाठीचार्ज के विरोध में हिंदू संगठनों, व्यापारी संघ और विभिन्न राजनीतिक दलों ने मोर्चा खोल दिया। मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब कांग्रेस, भाजपा समेत अलग-अलग दलों के नेता राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर एक मंच पर नजर आए।
जय स्तंभ चौक पर अनिश्चितकालीन धरना
घटना के विरोध में रविवार सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग और जनप्रतिनिधि सिमगा के जय स्तंभ चौक पर जुटे और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गणेश विसर्जन जैसे धार्मिक आयोजन के दौरान हुई घटना की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और जो भी अधिकारी या पुलिसकर्मी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
सिमगा बंद का भी किया गया आह्वान
विरोध के चलते रविवार को सिमगा बंद का आह्वान किया गया। सुबह से ही शहर की दुकानें, बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। बंद और धरना-प्रदर्शन के कारण शहर में सामान्य गतिविधियां प्रभावित रहीं।
इस दौरान कांग्रेस, भाजपा और अन्य दलों के स्थानीय नेता तथा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एक साथ नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें?
धरने पर बैठे लोगों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर कई मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं। इनमें—
घटना के लिए जिम्मेदार एसडीओपी और थाना प्रभारी पर कार्रवाई
कथित लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच
जांच के आधार पर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
प्रमुख रूप से शामिल हैं।
विरोध के बीच थाना प्रभारी लाइन अटैच
लगातार बढ़ते विरोध और दबाव के बीच पुलिस प्रशासन ने सिमगा थाना प्रभारी धीरेंद्र दुबे को लाइन अटैच कर दिया है। हालांकि, प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
यानी फिलहाल थाना प्रभारी पर कार्रवाई लाइन अटैचमेंट तक हुई है, जबकि घटना में अन्य अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर जांच जारी है।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
विवाद को देखते हुए सिमगा में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि विरोध-प्रदर्शन के बीच कानून-व्यवस्था बनी रहे।
फिलहाल थाना प्रभारी के लाइन अटैच होने के बाद भी प्रदर्शनकारियों की अन्य मांगों पर सभी की नजर है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि घटना के लिए किसकी जिम्मेदारी तय होती है और पुलिस प्रशासन की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है।