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supreme court voter list name removal citizenship ruling
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) से हट जाने मात्र से उसकी भारतीय नागरिकता समाप्त नहीं मानी जा सकती। अदालत ने कहा कि निर्वाचन आयोग (ECI) नागरिकता तय करने वाला संवैधानिक प्राधिकरण नहीं है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है और उसकी नागरिकता पर संदेह होता है, तो इस संबंध में निर्णय नागरिकता कानून के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिया जाएगा। जब तक यह कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होती, केवल वोटर लिस्ट से नाम हटने के आधार पर किसी की नागरिकता समाप्त नहीं मानी जा सकती।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए लोगों से जुड़ी याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में यह भी मुद्दा उठाया गया है कि वोटर लिस्ट से नाम हटने के आधार पर लोगों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।