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airtel discontinues cheap recharge plans tariff hike
नई दिल्ली। देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए रिचार्ज महंगा होने का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है। टेलीकॉम सेक्टर में कंपनियां कम कीमत वाले प्लान हटाकर ग्राहकों को अपेक्षाकृत महंगे रिचार्ज की ओर ले जाती दिख रही हैं। इसी कड़ी में भारती एयरटेल ने ₹299 समेत चार प्रीपेड प्लान बंद कर दिए हैं। कंपनी ने ₹299, ₹579, ₹619 और ₹649 वाले प्लान को 12 अगस्त 2026 से पूरे देश में बंद किया है।
₹299 वाला प्लान बंद, अब ₹349 से करना होगा रिचार्ज
एयरटेल का ₹299 वाला प्लान बड़ी संख्या में ग्राहकों के लिए लोकप्रिय विकल्प था। इसके बंद होने के बाद समान श्रेणी में ग्राहकों के सामने ₹349 वाला प्लान प्रमुख विकल्प के तौर पर रह जाता है। यानी ₹299 वाले प्लान का इस्तेमाल करने वाले ग्राहक को अब करीब ₹50 ज्यादा खर्च करने पड़ सकते हैं। यह लगभग 16.7 फीसदी की बढ़ोतरी के बराबर है।
इस बदलाव का असर खासतौर पर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो सीमित बजट में रोजाना डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग वाला प्लान तलाशते हैं। हालांकि, इसे फिलहाल सीधे तौर पर सभी मोबाइल टैरिफ में बढ़ोतरी नहीं कहा जा सकता, बल्कि एयरटेल के प्रीपेड पोर्टफोलियो में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
₹579, ₹619 और ₹649 वाले प्लान भी हटाए
एयरटेल ने केवल ₹299 वाला प्लान ही नहीं हटाया है। कंपनी ने ₹579, ₹619 और ₹649 के प्रीपेड पैक भी बंद कर दिए हैं। इन प्लान के हटने से ग्राहकों के सामने उपलब्ध विकल्पों का दायरा कम हुआ है और कुछ यूजर्स को अपनी जरूरत के लिए अगले महंगे प्लान पर जाना पड़ सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि एयरटेल के आधिकारिक प्लान दस्तावेजों में कई कीमत वाले प्लान अभी सूचीबद्ध दिखाई देते हैं, इसलिए ग्राहकों को अपने नंबर के लिए उपलब्ध मौजूदा विकल्प Airtel Thanks ऐप या आधिकारिक वेबसाइट पर ही जांचने चाहिए।
असली खेल ARPU बढ़ाने का?
टेलीकॉम कंपनियों के लिए ARPU यानी Average Revenue Per User बेहद महत्वपूर्ण आंकड़ा है। इसका मतलब है कि एक ग्राहक से कंपनी को औसतन हर महीने कितनी कमाई होती है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में एयरटेल का मोबाइल ARPU बढ़कर ₹264 पहुंच गया, जबकि पिछली तुलना में यह करीब ₹250 था। कंपनी की रणनीति आगे ARPU को और बढ़ाने की है।
यही वजह है कि विश्लेषकों का मानना है कि कम कीमत वाले प्लान हटाकर ग्राहकों को महंगे पैक की ओर ले जाने से कंपनी की प्रति ग्राहक कमाई बढ़ सकती है। अनुमान है कि इस तरह के बदलाव से एयरटेल के ARPU में आने वाली तिमाहियों में सुधार हो सकता है।
एयरटेल की कमाई Jio और Vi से ज्यादा
तुलनात्मक तौर पर देखा जाए तो एयरटेल का ARPU अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों से ज्यादा है। उपलब्ध आंकड़ों में एयरटेल का ARPU करीब ₹264, रिलायंस जियो का ₹215.6, वोडाफोन आइडिया का करीब ₹177 और BSNL का करीब ₹101 बताया गया है।
इससे साफ है कि निजी टेलीकॉम कंपनियों के बीच ग्राहकों से होने वाली औसत कमाई बढ़ाने की प्रतिस्पर्धा तेज है। Vodafone Idea का ARPU भी हाल में बढ़ा है, लेकिन वह अभी एयरटेल और जियो से नीचे है।
क्या Jio और Vi भी बढ़ा सकते हैं दाम?
एयरटेल के इस कदम का असर पूरे टेलीकॉम बाजार पर पड़ सकता है। यदि ग्राहक बिना बड़ी संख्या में नेटवर्क छोड़े महंगे प्लान पर शिफ्ट होते हैं, तो दूसरी कंपनियों को भी अपने प्लान की कीमत और संरचना पर दोबारा विचार करने का प्रोत्साहन मिल सकता है।
विश्लेषकों ने एयरटेल के बदलाव को Vodafone Idea के लिए भी संकेत माना है। हालांकि, Jio या Vi की ओर से भविष्य में किसी खास प्लान को कब और कितने रुपये से बदला जाएगा, इसकी पुष्टि अलग से कंपनी की घोषणा के बिना नहीं की जा सकती।
ग्राहकों की जेब पर कितना असर?
अगर कोई ग्राहक पहले ₹299 वाला रिचार्ज कराता था और अब उसकी जरूरत पूरी करने के लिए ₹349 वाला पैक चुनता है, तो हर रिचार्ज पर ₹50 अतिरिक्त खर्च होगा। साल में 12 बार रिचार्ज करने पर यह अतिरिक्त खर्च करीब ₹600 तक पहुंच सकता है।
यानी एक ग्राहक के लिए अंतर भले ही हर महीने ₹50 का हो, लेकिन करोड़ों ग्राहकों के स्तर पर यह टेलीकॉम कंपनियों के राजस्व में बड़ा बदलाव ला सकता है।
क्या यह आने वाली बड़ी टैरिफ बढ़ोतरी का संकेत है?
फिलहाल एयरटेल का कदम चुने हुए प्रीपेड प्लान हटाने और ग्राहकों को दूसरे पैक की ओर शिफ्ट करने का है। इसे तत्काल पूरे टैरिफ में बढ़ोतरी नहीं माना जाना चाहिए। हालांकि, उद्योग में ARPU बढ़ाने और टैरिफ को अधिक टिकाऊ बनाने की मांग लंबे समय से चर्चा में है।
ऐसे में एयरटेल का यह कदम आने वाले महीनों में मोबाइल रिचार्ज बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर दूसरी कंपनियां भी कम कीमत वाले विकल्प कम करती हैं, तो मोबाइल यूजर्स को अपनी मासिक रिचार्ज लागत बढ़ने का सामना करना पड़ सकता है।