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Chamoli tunnel accident: 7 workers dead, 3 still trapped inside; rescue operation underway.
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी स्थित मायापुर में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। टनल में अचानक पानी का रिसाव होने के बाद भू-स्खलन से भारी मात्रा में मलबा अंदर आ गया, जिससे कई मजदूर फंस गए। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 3 मजदूर अभी भी टनल के अंदर फंसे हुए हैं।
रेस्क्यू टीमों ने अभियान चलाकर अब तक 19 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इनमें से 13 घायलों का इलाज गोपेश्वर के जिला अस्पताल में चल रहा है। एक गंभीर घायल को बेहतर उपचार के लिए श्रीनगर के हायर सेंटर रेफर किया गया है।
टनल के अंदर लगातार पानी और मलबा आने के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। रेस्क्यू टीमें फंसे मजदूरों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। प्रशासन के साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना की टीमें भी मौके पर तैनात हैं।
सेना की टीम टनल के भीतर की स्थिति का आकलन करते हुए सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ रही है। बचाव दलों की प्राथमिकता फंसे मजदूरों तक जल्द से जल्द पहुंचना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।
चमोली टनल हादसे में घायल मजदूरों में बिहार के 2, झारखंड के 5, छत्तीसगढ़ के 2, पंजाब के 1 और उत्तराखंड के 1 व्यक्ति शामिल हैं। घायलों के नाम चंदन कुमार सिंह, रोहित पांडे, खेला राम, दीना बेंगरा, निस्तर मैंगरा, पैल सिंह नेतांग, विनोद रायना, हबील गुड़िया, सुनील दीवान, सीवेक और तिलक राज बताए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक हादसा 13 अगस्त की शाम करीब 7 बजे पीपलकोटी के मायापुर में हुआ। टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी का रिसाव शुरू हुआ। इसके बाद भू-स्खलन होने से मलबा टनल के अंदर आ गया।
उस वक्त कई मजदूर टनल के भीतर काम कर रहे थे। पानी और मलबा भरने के कारण उनके बाहर निकलने का रास्ता प्रभावित हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासन और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचे और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा ले चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों से टनल के अंदर फंसे मजदूरों और रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री इसके बाद गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुंचकर घायल मजदूरों से मुलाकात करेंगे और उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे।
सीएम धामी ने बताया कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हादसे की जानकारी दी है। दोनों राज्यों से जुड़े घायल मजदूरों की स्थिति के बारे में भी उन्हें अवगत कराया गया है। फिलहाल बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है और रेस्क्यू टीमें टनल के अंदर फंसे तीनों मजदूरों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।