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Yogi Adityanath ने बकरीद से पहले सड़कों पर नमाज को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम योगी ने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नमाज पढ़नी है तो तय स्थानों पर पढ़िए, लेकिन सड़क पर अराजकता और ट्रैफिक बाधित करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
सीएम योगी ने कहा, “प्यार से मानेंगे तो ठीक है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाया जाएगा। हम नमाज नहीं रोकेंगे, लेकिन सड़क पर भीड़ और अव्यवस्था नहीं होने देंगे। सड़कें आम लोगों के आने-जाने के लिए हैं, धार्मिक आयोजन के लिए नहीं।”
उन्होंने कहा कि अगर किसी स्थान पर लोगों की संख्या अधिक है तो शिफ्ट में नमाज पढ़ी जा सकती है। योगी ने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है और किसी को भी सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने की छूट नहीं दी जाएगी।
बरेली बवाल का भी किया जिक्र
सीएम योगी ने अपने संबोधन में बरेली में हुए विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि “लोगों ने हाथ आजमाया था, ताकत भी देख ली।” उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि सितंबर 2025 में बरेली में मुस्लिम नेता Maulana Tauqeer Raza के धरना-प्रदर्शन के ऐलान के बाद तनाव की स्थिति बनी थी। पुलिस द्वारा रोकने पर पथराव और लाठीचार्ज की घटनाएं सामने आई थीं।
“कट्टा-बम से ब्रह्मोस तक पहुंचा यूपी”
सीएम योगी ने प्रदेश के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि पहले उत्तर प्रदेश की पहचान कट्टा और बम से होती थी, लेकिन अब यहां BrahMos missile बन रही है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक माहौल के कारण निवेश बढ़ रहा है और उत्तर प्रदेश तेजी से 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है।
महिलाओं की सुरक्षा पर भी बोले सीएम
योगी ने दावा किया कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं दिन में भी बाहर निकलने से डरती थीं, लेकिन अब वे नाइट शिफ्ट में भी सुरक्षित काम कर रही हैं। “अब कोई बेटी से छेड़खानी नहीं कर सकता,” उन्होंने कहा।
बंगाल चुनाव में भी उठाया था मुद्दा
सीएम योगी ने हाल ही में पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान भी सड़कों पर नमाज का मुद्दा उठाया था। उन्होंने Mamata Banerjee पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा था कि यूपी में सड़कें केवल यातायात के लिए हैं, नमाज के लिए नहीं।
पहले ही लागू हो चुकी है रोक
योगी सरकार 2022-23 में ही सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगा चुकी है। सरकार के आदेश के अनुसार ईद, अलविदा जुमा या अन्य धार्मिक अवसरों पर नमाज केवल ईदगाह, मस्जिद या निर्धारित स्थलों के भीतर ही अदा की जा सकती है।