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'Pink Patrolling' launched in Durg for women's safety.
भिलाई। महिलाओं, छात्राओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से दुर्ग पुलिस ने जिले में "पिंक पेट्रोलिंग" की शुरुआत कर दी है। पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-06 भिलाई से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने पिंक पेट्रोलिंग वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल के तहत महिला पुलिस अधिकारी और कर्मचारी जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त करेंगी, ताकि महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिल सके और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।


एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि जिले के प्रत्येक थाना क्षेत्र में जहां स्कूल, कॉलेज और छात्राओं की आवाजाही अधिक रहती है, वहां विशेष रूप से स्कूल लगने और छुट्टी के समय पिंक पेट्रोलिंग की जाएगी। इसके अलावा उन स्थानों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी, जहां असामाजिक तत्वों के जमावड़े की शिकायतें मिलती हैं। उन्होंने कहा कि जिले की सभी महिला अधिकारी और कर्मचारियों को इस अभियान से जोड़ा गया है, ताकि छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षा का एहसास हो और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या अपराध की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पिंक पेट्रोलिंग टीम यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी सार्वजनिक स्थान पर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार या छेड़छाड़ जैसी घटनाएं न हों। यदि कोई असामाजिक तत्व ऐसी हरकत करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आईयूसीएडब्ल्यू की डीएसपी आकर्षि कश्यप ने बताया कि यह दुर्ग पुलिस की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक शहरी थाने से महिला पुलिसकर्मियों की टीमें स्कूटी के माध्यम से पेट्रोलिंग करेंगी। ये टीमें स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल, पार्क और अन्य ऐसे स्थानों पर लगातार निगरानी रखेंगी जहां महिलाओं और छात्राओं की आवाजाही अधिक रहती है। इससे महिलाओं की सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी तथा अपराधी मानसिकता वाले लोगों पर भी मनोवैज्ञानिक दबाव बनेगा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दुर्ग पुलिस पहले से कई प्रयास करती रही है और पिंक पेट्रोलिंग उसी दिशा में एक और प्रभावी कदम है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा।
खुर्सीपार थाना में पदस्थ पीएसआई नेहा भास्कर ने बताया कि यह केवल पेट्रोलिंग अभियान नहीं बल्कि महिला सुरक्षा और जागरूकता का अभियान भी है। पिंक पुलिस और पिंक हेलमेट के माध्यम से महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने के साथ-साथ उन्हें विभिन्न हेल्पलाइन और सुरक्षा उपायों की जानकारी भी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि टीम स्कूलों, कॉलेजों, ट्यूशन सेंटरों, योग क्लासों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नियमित रूप से पहुंचेगी और महिलाओं को सुरक्षा संबंधी जागरूकता भी प्रदान करेगी। एक महिला पुलिस अधिकारी होने के नाते उनका प्रयास रहेगा कि हर महिला स्वयं को सुरक्षित महसूस करे और बिना किसी डर के अपने दैनिक कार्य कर सके।
इन स्थानों पर रहेगी विशेष निगरानी
स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान
छात्रावास और हॉस्टल
पार्क और गार्डन
मॉल और बाजार
साप्ताहिक बाजार
बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन
अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थल
पिंक पेट्रोलिंग की प्रमुख जिम्मेदारियां
स्कूल और कॉलेज के समय नियमित गश्त।
मनचलों और असामाजिक तत्वों पर निगरानी तथा तत्काल कानूनी कार्रवाई।
डायल-112 और कंट्रोल रूम से मिलने वाली महिला सुरक्षा संबंधी सूचनाओं पर त्वरित पहुंच।
महिला हेल्पलाइन 1091, आपातकालीन सेवा 112 और साइबर हेल्पलाइन 1930 का प्रचार-प्रसार।
महिलाओं, छात्राओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ त्वरित निराकरण।
सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए लगातार गश्त और जन-जागरूकता अभियान।
दुर्ग पुलिस का मानना है कि पिंक पेट्रोलिंग से महिलाओं और छात्राओं में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी, अपराधों पर अंकुश लगेगा और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।