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Chhattisgarh: Major action in Bharatmala scam, main accused former SDM arrested
रायपुर। राजधानी रायपुर से जुड़े बहुचर्चित भारतमाला घोटाला मामले में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी और तत्कालीन एसडीएम निस्पय कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया गया। ईओडब्ल्यू-एसीबी ने मंगलवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद अदालत ने 30 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद हुई, जिससे मामले की जांच ने नया मोड़ ले लिया।
23.35 करोड़ की संपत्ति अटैच
जांच में सामने आया कि अभनपुर तहसील में पदस्थ रहते हुए निस्पय कुमार साहू ने अपने पद का दुरुपयोग किया। ईडी ने इस मामले में उनकी और उनकी पत्नी की 23.35 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अटैच की हैं। बताया गया कि इस केस में अब तक 43 करोड़ रुपये से अधिक के हेरफेर का खुलासा हो चुका है। जांच एजेंसियों के अनुसार, जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया और सरकारी मुआवजे की राशि को गलत तरीके से बांटा गया।
बैंक डेट में बांटे गए करोड़ों रुपये
भारतमाला घोटाला की जांच में यह भी सामने आया कि वास्तविक मुआवजा राशि को कई हिस्सों में बांटकर बैंक खातों में जमा किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, 80 से अधिक फर्जी नाम जोड़े गए और करोड़ों रुपये का बंदरबांट किया गया। आरोप है कि पहले से अधिग्रहित भूमि को भी दोबारा अधिग्रहित दिखाकर मुआवजा स्वीकृत कराया गया, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा।
अब तक 16 लोगों की गिरफ्तारी
इस मामले में अब तक 16 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें कई अधिकारी, कर्मचारी और राजस्व अमला शामिल हैं। भारतमाला घोटाला अब केवल मुआवजा गड़बड़ी का मामला नहीं, बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं।