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CG News: Relief for government employees, treatment will be available in 152 private hospitals in Chhattisgarh and other states.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश और राज्य के बाहर स्थित निजी अस्पतालों की मान्यता अवधि को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक बढ़ा दिया है। इसके तहत अब प्रदेश के 86 और दूसरे राज्यों के 66 निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी।
गंभीर बीमारियों के इलाज की मिलेगी सुविधा
जारी आदेश के अनुसार, मान्यता प्राप्त अस्पतालों में सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कई गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा मिलेगी। इनमें जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, कैंसर, कार्डियोलॉजी, डेंटल और स्त्री रोग जैसी सेवाएं शामिल हैं।
सूची में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर समेत प्रदेश के कई बड़े निजी अस्पतालों को शामिल किया गया है। वहीं राज्य के बाहर हैदराबाद, मुंबई, नागपुर और चेन्नई के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों को भी मान्यता दी गई है।
सिविल सर्जन की अनुशंसा होगी जरूरी
राज्य के भीतर निजी अस्पतालों में इलाज कराने के लिए संबंधित जिले के सिविल सर्जन की अनुशंसा अनिवार्य होगी। हालांकि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीज सीधे इलाज करा सकेंगे, लेकिन इसके लिए सात दिनों के भीतर विभागीय नियंत्रण अधिकारी को सूचना देना आवश्यक होगा।
राज्य के बाहर इलाज के लिए रेफरल जरूरी
राज्य के बाहर स्थित अस्पतालों में इलाज कराने के लिए मेडिकल कॉलेज की रेफरल कमेटी से प्रमाण पत्र लेना होगा। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित बीमारी का इलाज प्रदेश में उपलब्ध नहीं है या आवश्यक विशेषज्ञ सुविधा नहीं मिल पा रही है।
हालांकि गंभीर आपात स्थिति में बाहर इलाज कराने की अनुमति रहेगी, लेकिन वहां भी सात दिनों के भीतर विभाग को जानकारी देना अनिवार्य किया गया है।
सीजीएचएस दरों पर होगा इलाज
सरकार ने आदेश में स्पष्ट किया है कि मान्यता प्राप्त अस्पतालों में इलाज केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) की निर्धारित दरों पर किया जाएगा। साथ ही अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि अग्रिम राशि नहीं होने की स्थिति में भी सरकारी कर्मचारियों या उनके परिजनों का इलाज रोका नहीं जाएगा।