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1.08 lakh cyber fraud from account of fake beneficiary, assistant professor of triple IT added without OTP”
रायपुर। नवा रायपुर स्थित ट्रिपल आईटी में पदस्थ एक सहायक प्राध्यापक साइबर ठगी का शिकार हो गए। अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते में बिना अनुमति फर्जी बेनिफिशियरी जोड़कर तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 1 लाख 8 हजार रुपये निकाल लिए।
कैसे हुआ पूरा फ्रॉड
पीड़ित कृष्णानंद विश्वकर्मा के अनुसार 5 जून को उनके State Bank of India खाते से लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे। ट्रांजेक्शन में 44 हजार, 44 हजार और 20 हजार रुपये की निकासी दर्ज थी। जब उन्होंने नेट बैंकिंग चेक की तो पता चला कि उनके खाते में “फैजान” नाम का एक अज्ञात व्यक्ति बेनिफिशियरी के रूप में जोड़ा गया था।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने न तो कोई ओटीपी शेयर किया और न ही खुद से किसी को बेनिफिशियरी जोड़ा। इसके बावजूद खाते से पैसे ट्रांसफर हो गए, जिससे बैंकिंग सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने राखी थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साइबर टीम जांच में जुट गई है।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि ऑनलाइन बैंकिंग में छोटी सी चूक या सिस्टम की कमजोरी भी बड़ी आर्थिक हानि का कारण बन सकती है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी अनजान लिंक या ट्रांजेक्शन से बचने की अपील की है।