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Deal worth ₹1.30 lakh in rape case exposed; victim's own grandfather turns out to be the mastermind.
रायपुर। धरसींवा थाना क्षेत्र के सिलयारी में सामने आए नाबालिग से जुड़े दुष्कर्म मामले ने अब एक चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि इस पूरे मामले को दबाने के लिए पीड़िता के अपने ही दादा ने आरोपित पक्ष से पैसे लेकर सौदेबाजी की थी।
कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा
पुलिस जांच के मुताबिक दादा ने आरोपित पक्ष से करीब 1.30 लाख रुपये लेकर केस को शांत करने की कोशिश की थी। बाद में इस लेनदेन से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद मामला पूरी तरह उजागर हो गया। इसी आधार पर पुलिस ने दो बिचौलियों के साथ पीड़िता के दादा को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जांच में सामने आई नई परतें
यह मामला 18 अप्रैल 2026 को दर्ज प्रकरण से जुड़ा है। शुरुआत में पीड़िता के बयान में विरोधाभास के कारण केस कमजोर माना जा रहा था, लेकिन वीडियो और डिजिटल साक्ष्य सामने आने के बाद पुलिस ने दोबारा जांच शुरू की। जांच में यह भी पाया गया कि मामले को दबाने की कोशिश सुनियोजित तरीके से की गई थी।
पैसों के लालच में बदला रुख
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक चरण में पीड़िता के दादा ने आरोपों से इनकार किया था, लेकिन बाद में आर्थिक सहायता मिलने की संभावना सामने आने के बाद उन्होंने केस को आगे बढ़ाने की कोशिश की और सौदेबाजी में शामिल हो गए।
पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक सख्ती
मामले में लापरवाही सामने आने पर संबंधित चौकी प्रभारी को निलंबित किया जा चुका है। वहीं, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और पीड़िता के बयान को फिर से दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग की निगरानी में आगे की जांच
आयोग ने कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब सभी नजरें आगे की पुलिस कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं।