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6.43 lakh applications, 40 days exercise... administration reached village to village in Sushasan Tihar, now real exam begins”
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 मई से शुरू हुआ सुशासन तिहार मंगलवार को समाप्त हो गया। इस 40 दिवसीय अभियान के दौरान सरकार ने सीधे गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं और योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन किया।
पूरे राज्य में 33 जिलों में कुल 1286 जन-समस्या समाधान शिविर लगाए गए। इन शिविरों में 6,43,334 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 6,17,111 आवेदन सीधे विकास कार्यों और मांगों से जुड़े थे, जबकि 26,223 आवेदन शिकायतों से संबंधित थे।
सरकार ने सभी आवेदनों के समाधान के लिए अधिकतम 30 दिन की समयसीमा तय की है। अभियान का उद्देश्य न केवल शिकायतों का निपटारा करना था, बल्कि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना भी रहा।
अभियान के दौरान महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। विभिन्न जिलों में आजीविका योजनाओं के तहत महिलाओं को वाहन, सिलाई मशीनें और स्वरोजगार के साधन उपलब्ध कराए गए। साथ ही सड़क, पेयजल, सिंचाई और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई घोषणाएं भी की गईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाएं अब सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। उन्होंने बस्तर क्षेत्र में विकास कार्यों और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि राशन, आवास और स्वरोजगार योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव दिख रहा है।
अभियान के बाद अब जिला प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती 6.43 लाख आवेदनों का समयबद्ध निपटारा करना है। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रक्रिया प्रशासनिक क्षमता और जमीनी डिलीवरी की बड़ी परीक्षा साबित होगी।