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Chhattisgarh: 12 armed Maoists surrender in Bijapur, carrying a reward of Rs 54 lakh
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। राज्य शासन और भारत सरकार की पुनर्वास नीति तथा “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान से प्रभावित होकर साउथ सब जोनल ब्यूरो से जुड़े 12 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन माओवादियों पर कुल 54 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
महिला माओवादियों की संख्या अधिक
आत्मसमर्पण करने वालों में 8 महिला और 4 पुरुष माओवादी शामिल हैं। इनमें डीवीसीएम, एसीएम, पीपीसीएम, पार्टी सदस्य और पीएलजीए सदस्य जैसे अलग-अलग स्तर के कैडर शामिल हैं। आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने एक AK-47, दो SLR राइफल और कारतूस सहित विस्फोटक सामग्री भी पुलिस को सौंपी।
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भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद
पुनर्वास के दौरान माओवादियों ने 250 जिलेटिन स्टिक, 400 डेटोनेटर, एक प्लास्टिक ड्रम गन पाउडर और कार्डेक्स वायर का बंडल भी स्वेच्छा से सुरक्षा बलों को सौंपा है। अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले कई माओवादी फायरिंग, आईईडी ब्लास्ट और अन्य हिंसक घटनाओं में शामिल रहे हैं।
2024 से अब तक 888 माओवादी कर चुके हैं आत्मसमर्पण
पुलिस के मुताबिक 1 जनवरी 2024 से अब तक बीजापुर जिले में 888 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं, जबकि 1163 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं और 231 माओवादी अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए हैं। इसे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ आत्मसमर्पण
यह आत्मसमर्पण पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पट्टलिंगम, बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ। पुनर्वास नीति के तहत प्रत्येक आत्मसमर्पित माओवादी को 50-50 हजार रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
सुरक्षा बलों की सक्रियता से घट रहा नक्सली प्रभाव
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ, कोबरा बटालियन और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई, क्षेत्र में स्थापित सुरक्षा कैंप और विकास योजनाओं के प्रभाव से माओवादी संगठन का आधार क्षेत्र लगातार सिमट रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा का माहौल मजबूत हो रहा है।
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माओवादियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील
बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने शेष माओवादी कैडरों से हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने की अपील करते हुए कहा कि शासन की पुनर्वास नीति उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन का अवसर प्रदान कर रही है। वहीं आईजी बस्तर सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि माओवादी संगठन तेजी से कमजोर हो रहा है और ‘पूना मारगेम’ अभियान शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।