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23 chhattisgarh mlas facing criminal cases 9 firs registered
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में जनप्रतिनिधियों पर दर्ज आपराधिक मामलों को लेकर एक रिपोर्ट चर्चा में है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कई विधायक विभिन्न आपराधिक मामलों में घिरे हुए हैं। पिछले दो वर्षों के दौरान नौ विधायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि आपराधिक मामलों में शामिल विधायकों की संख्या बढ़कर 23 तक पहुंच गई है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि विधानसभा चुनाव 2023 में निर्वाचित 90 विधायकों में से 17 विधायकों (करीब 19 प्रतिशत) ने अपने चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी। इनमें भाजपा के 54 विधायकों में से 12 और कांग्रेस के 35 विधायकों में से 5 विधायक शामिल थे।
हाल के मामलों में सीतापुर के भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो के खिलाफ नायब तहसीलदार से मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज होने का मामला सुर्खियों में है। इसके अलावा कांग्रेस विधायक व्यास नारायण कश्यप, देवेंद्र यादव, उत्तरी जांगड़े, बलोदेश्वर साहू और पूर्व मंत्री कवासी लखमा समेत कई नेताओं के खिलाफ भी अलग-अलग मामलों में कार्रवाई हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ धोखाधड़ी, विवादित बयान, सरकारी कार्य में बाधा, प्रदर्शन और अन्य आरोपों से जुड़े मामले दर्ज किए गए हैं। राजनीतिक दल इन मामलों को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं, जबकि कानूनी प्रक्रिया अपने स्तर पर जारी है।
विश्लेषकों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों पर बढ़ते आपराधिक मामलों का असर राजनीतिक छवि और जनता के भरोसे पर पड़ सकता है। वहीं, चुनावी हलफनामों में आपराधिक मामलों की जानकारी सार्वजनिक होने से मतदाताओं को उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि जानने का अवसर मिलता है।