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2.53 crore cyber fraud uncovered in Gwalior, three accused arrested from Delhi
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सामने आए अब तक के सबसे बड़े साइबर फ्रॉड मामलों में से एक का पुलिस ने खुलासा किया है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में तीन आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है, जबकि इससे पहले चार अन्य आरोपियों को पकड़ा जा चुका है।
90 वर्षीय रिटायर्ड डॉक्टर को बनाया शिकार
मामला विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के विंडसर हिल निवासी 90 वर्षीय एयरफोर्स से रिटायर्ड डॉक्टर नारायण महादेव टिकेकर से जुड़ा है। साइबर ठगों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर झांसा देकर करीब 22 दिनों तक “डिजिटल अरेस्ट” में रखा और मानसिक दबाव बनाकर उनके बैंक और निवेश संबंधी सभी विवरण हासिल कर लिए।
2.53 करोड़ रुपए की ठगी
ठगों ने डॉक्टर के खाते से शेयर, म्यूचुअल फंड और बैंक खातों की जानकारी लेकर कुल 2 करोड़ 53 लाख रुपए की ठगी कर ली। मामले की शिकायत के बाद 23 फरवरी को साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज किया गया था।
दिल्ली से जुड़े नेटवर्क का पर्दाफाश
पुलिस ने दिल्ली से सौरभ, हरीश और शरद नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों के खातों में करीब 28 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए थे। इनमें से दो आरोपी अपने बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करते थे, जबकि एक आरोपी ठगी करने वाले गिरोह के बीच मीडिएटर की भूमिका निभा रहा था।
तकनीकी नेटवर्क से जुड़ा आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में हरीश गढ़वाल एक यूट्यूबर बताया जा रहा है, जिसने कम पढ़ाई के बावजूद सॉफ्टवेयर और ऐप डेवलपमेंट के जरिए देश-विदेश में बैठे साइबर ठगों से संपर्क बना लिया था और इस नेटवर्क का हिस्सा बन गया।
पुलिस कर रही गहन पूछताछ
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस अंतरराज्यीय गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, निवेश ऑफर या सरकारी एजेंसी के नाम पर आने वाले संदेशों से सतर्क रहें और निजी जानकारी साझा न करें।