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Chhattisgarh government takes swift action to bring back Bastar migrants, preparing to rehabilitate 31,000 migrant families
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर संभाग के प्रवासित परिवारों की घर वापसी को लेकर कदम तेज कर दिए हैं। तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में बस गए करीब 31 हजार लोगों के पुनर्वास के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई जा रही है। गुरुवार को मंत्रालय में अपर मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय समिति की पहली बैठक आयोजित की गई।
बैठक में दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर के 6939 परिवारों की वर्तमान स्थिति पर चर्चा हुई। इनमें 11,389 से 19,709 लोग तेलंगाना के 467 गांवों और आंध्रप्रदेश के 184 गांवों में रह रहे हैं। प्रवासित परिवारों ने राष्ट्रीय जनजातीय आयोग में याचिका भी दायर की है, जिसके बाद आयोग ने एक माह के भीतर सर्वे कर सूची प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बहु-विभागीय समन्वय के साथ सर्वे शुरू
बस्तर संभागायुक्त ने कलेक्टरों को 15 दिन के भीतर प्रवासित परिवारों का सर्वे कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में अपर मुख्य सचिव ऋर्चा शर्मा, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, प्रमुख सचिव शहला निगार, सचिव नेहा चम्पावत, आईजी बस्तर सुन्दरराज और कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह सहित जिले के कलेक्टर शामिल हुए।
बैठक में सामान्य प्रशासन, वित्त, राजस्व, स्कूल शिक्षा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार, वाणिज्य, उद्योग, पंचायत और ग्रामीण विकास विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
प्रवासियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर फोकस
अपर मुख्य सचिव पिंगुआ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रवासियों के मूल गांव, वर्तमान निवास और सामाजिक-आर्थिक स्थिति की पूरी जानकारी जुटाएं। इससे प्रभावी और त्वरित पुनर्वास योजना बनाई जा सकेगी। विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बहु-विभागीय समन्वय के महत्व पर जोर दिया।
नोडल अधिकारी जल्द होंगे नियुक्त
सीमावर्ती राज्यों के अधिकारियों से समन्वय बढ़ाने और अद्यतन जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए। वन, आदिम जाति विकास, कृषि, राजस्व, शिक्षा, रोजगार, पंचायत और उद्योग विभागों को अपने-अपने नोडल अधिकारी जल्द नियुक्त करने का आदेश भी जारी किया गया। इससे योजना क्रियान्वयन में तेजी आएगी।