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₹4,200-crore expressway under scrutiny... defects began appearing at various spots just days after inauguration.
लखनऊ। उत्तर प्रदेश का बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे शुरू होने के कुछ ही समय बाद गुणवत्ता को लेकर विवादों में घिर गया है। करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना पर उद्घाटन के बाद लगातार कई स्थानों पर सड़क धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि निर्माण एजेंसियों को अलग अलग हिस्सों में पैचवर्क और मरम्मत करनी पड़ रही है।
एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हुए अभी ज्यादा समय नहीं बीता है, लेकिन बीते कुछ सप्ताह के दौरान अलग अलग हिस्सों में सड़क धंसने की शिकायतें मिली हैं। शुरुआती घटना के बाद प्रभावित स्थानों की मरम्मत शुरू की गई, जबकि बाद में अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की समस्या सामने आने पर नए पैच लगाए गए।
लखनऊ और कानपुर के बीच लगभग 45 किलोमीटर के हिस्से में कई स्थानों पर सड़क की सतह को दोबारा दुरुस्त किया गया है। अधिकारियों के अनुसार जहां जहां सड़क कमजोर पाई गई, वहां पुरानी परत हटाकर नई परत बिछाई जा रही है ताकि मार्ग सुरक्षित बना रहे।
लगातार सामने आ रही घटनाओं ने एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता को लेकर बहस तेज कर दी है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी लागत से तैयार परियोजना में शुरुआती दौर में ही मरम्मत की जरूरत पड़ना चिंता का विषय है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि किसी भी नई सड़क पर बार बार पैचवर्क होना गुणवत्ता की जांच की मांग करता है।
लोक निर्माण विभाग का कहना है कि जहां भी किसी प्रकार की तकनीकी कमी दिखाई देती है, वहां तत्काल सुधार कराया जा रहा है। विभाग का दावा है कि सभी प्रभावित हिस्सों की जांच कर उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार मजबूत बनाया जा रहा है और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति ने कुछ स्थानों पर सड़क की सतह को प्रभावित किया है। इसी वजह से प्रभावित हिस्सों की दोबारा मरम्मत कर उन्हें मजबूत किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा सामने न आए।
प्रदेश की महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं में शामिल लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से लाखों यात्रियों को तेज और सुगम सफर की उम्मीद है। हालांकि शुरुआती दौर में सामने आई तकनीकी कमियों ने इसकी गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मरम्मत के बाद यह मार्ग लंबे समय तक बिना किसी परेशानी के यात्रियों को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध करा पाता है या नहीं।