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5 black spots on Raipur’s 19-km-long ring road; 24 deaths in nine months
रायपुर। टाटीबंध से जोरा तक रिंग रोड-1 का करीब 19 किलोमीटर का हिस्सा सड़क हादसों के लिहाज से बेहद संवेदनशील बन गया है। इस मार्ग पर साल के शुरुआती नौ महीनों में 145 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 24 लोगों की जान चली गई, जबकि 71 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इस सड़क पर पांच ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां बार-बार दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक अवैध कट और एक दर्जन से ज्यादा स्थानों पर अतिक्रमण भी यातायात के लिए खतरा बने हुए हैं।रिंग रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा होने के बावजूद कई जगह सड़क की स्थिति बेहद खराब है। यहां रोजाना दो लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। सड़क के दोनों ओर घनी आबादी होने के कारण वाहनों की आवाजाही और स्थानीय आवागमन के बीच टकराव की स्थिति बनती है। कई स्थानों पर सड़क की चौड़ाई कम होने और तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का जोखिम लगातार बना हुआ है।
रायपुर के सेरीखेड़ी ओवरब्रिज पर सड़क किनारे काम कर रहे मजदूर तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गए। हादसे में तीन श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए। अस्पताल में उपचार के दौरान कपिल सैनी (24) और पिंटू माली (45) ने दम तोड़ दिया। तीसरे घायल बनवा का डीकेएस अस्पताल में इलाज जारी है।पुलिस के मुताबिक, राजस्थान के सवाई माधोपुर निवासी कपिल सैनी उर्फ गेलू, पिंटू माली और बनवा सहित अन्य मजदूर 28 अक्टूबर की सुबह ओवरब्रिज के उतरने वाले हिस्से में डिवाइडर पर पेंटिंग कर रहे थे। काम के दौरान सड़क पर सुरक्षा के लिए स्टॉपर भी लगाए गए थे।इसी दौरान आरंग की दिशा से तेज रफ्तार में आ रही एक कार स्टॉपर से टकरा गई। इसके बाद वाहन ने सड़क पर काम कर रहे मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन कपिल और पिंटू को बचाया नहीं जा सका।
दुर्घटना के बाद कार चालक मौके से भाग निकला। पुलिस ने मामले में हिट एंड रन का प्रकरण दर्ज कर लिया है। फरार चालक की पहचान करने और उसकी गिरफ्तारी के लिए जांच की जा रही है।