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Major action by ED-EOW in Chhattisgarh: Raids conducted at locations across 6 districts in connection with liquor, coal levy, DMF, and medical scams.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कथित शराब, कोल लेवी, डीएमएफ और मेडिकल उपकरण खरीदी घोटालों की जांच तेज हो गई है। शुक्रवार तड़के प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की अलग-अलग टीमों ने कई जिलों में एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान नकदी, मोबाइल फोन, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए।जानकारी के अनुसार, ईओडब्ल्यू ने छह जिलों में 16 ठिकानों पर तलाशी ली, जबकि ईडी की टीमों ने कारोबारी अनवर देबर समेत अन्य लोगों से जुड़े ठिकानों की जांच की। देर शाम तक चली कार्रवाई के बाद टीमें वापस लौट गईं। छापेमारी के दायरे में कांग्रेस नेता, कारोबारी, ठेकेदार और पूर्व मंत्री कवासी लखमा तथा निलंबित आईएएस रानू साहू से जुड़े बताए जा रहे लोग शामिल हैं।
ईओडब्ल्यू की टीम शुक्रवार सुबह राजनांदगांव पहुंची। यहां लालबाग इलाके में कारोबारी जय बग्गा के आवास और व्यावसायिक परिसर की तलाशी ली गई। दूसरी टीम ने सनसिटी स्थित वैभव गोलछा के मकान और कार्यालय में जांच की। कारोबारी सुदर्शन शर्मा और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर भी दस्तावेज खंगाले गए।जय बग्गा होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े हैं। वहीं, वैभव गोलछा का कारोबार जमीन और रेत खदान से संबंधित बताया जाता है। जांच एजेंसियां इन कारोबारियों के वित्तीय लेन-देन और संपत्ति निवेश की पड़ताल कर रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में छुरिया और डोंगरगांव क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आदिवासी जमीनों की खरीद हुई थी। इन जमीनों की रजिस्ट्री जय बग्गा, वैभव गोलछा और पूर्व मंत्री कवासी लखमा के नाम से जुड़े होने की बात सामने आई है।जांच एजेंसियां जमीन की खरीद-फरोख्त और कथित शराब घोटाले से जुड़ी रकम के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही हैं। हालांकि, इन लेन-देन में संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है।
रायपुर के वीआईपी स्टेट में रियल एस्टेट कारोबारी सुदर्शन शर्मा के घर ईओडब्ल्यू ने दस्तावेजों की जांच की। भिलाई-3 के वसुंधरा नगर में ट्रांसपोर्ट कारोबारी जितेंद्र सिंह के घर भी सुबह करीब आठ बजे टीम पहुंची। यह कार्रवाई उनके साले संतोष सिंह से जुड़े मामले में की गई। संतोष इसी मकान में रहते हैं और तेल तथा ट्रांसपोर्ट कारोबार संभालते हैं।बिलासपुर के उसलापुर स्थित अलका एवेन्यू में कोल कारोबारी खान के आवास पर तलाशी ली गई। वहीं, गरियाबंद जिले के राजिम में कारोबारी विमल पारख और राजा पारख से जुड़े प्रतिष्ठानों शांति विजय और नवकार ज्वेलर्स के साथ राजा पारख के निवास की भी जांच की गई।कोरबा जिले के कटघोरा में डीएमएफ घोटाले की जांच के तहत नगर पालिका अध्यक्ष और कांग्रेस नेता राज जायसवाल तथा नगर सैनिक दिलीप केवट के ठिकानों पर कार्रवाई हुई। इसके अलावा एक ठेकेदार और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) से जुड़े ठिकानों की भी जांच की गई।
जांच एजेंसियां करीब 3200 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले और 540 करोड़ रुपये के कोल लेवी घोटाले में अंतिम आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी कर रही हैं। बताया जा रहा है कि जांच के अंतिम चरण में एजेंसियां उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, जिनकी भूमिका कथित वित्तीय लेन-देन और रकम के निवेश से जुड़ी हो सकती है। एजेंसियों को आशंका है कि घोटालों से हासिल कथित अवैध रकम को वैध दिखाने के लिए संपत्तियों और दूसरे कारोबारों में निवेश किया गया। इन निवेशों में अन्य लोगों के नाम का इस्तेमाल किए जाने की भी जांच की जा रही है।
ईओडब्ल्यू के अनुसार, शराब घोटाले से संबंधित रायपुर और राजनांदगांव के छह ठिकानों पर तलाशी ली गई। कोल लेवी मामले में कोरबा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग में कार्रवाई हुई, जबकि मेडिकल उपकरण खरीदी घोटाले के सिलसिले में रायपुर और गरियाबंद के चार ठिकानों की जांच की गई।तलाशी के दौरान वित्तीय अनियमितताओं, संदिग्ध लेन-देन और संपत्तियों की रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेज जुटाए गए हैं। मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं। अब एजेंसियां इन साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों के बीच वित्तीय संबंधों और कथित घोटालों में उनकी भूमिका की पड़ताल करेंगी।