

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Impact of Cyclone 'Arnab' in Chhattisgarh... heavy rain in Surguja, dense fog in Bilaspur... weather to remain unsettled until November 3.
छत्तीसगढ़। चक्रवात ‘अर्नब’ के कमजोर होकर सक्रिय मौसम प्रणाली में बदलने के बावजूद इसका असर छत्तीसगढ़ में बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी के कारण प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, बादल और कोहरे की स्थिति देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, 3 नवंबर तक मौसम का यही मिजाज बने रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सरगुजा संभाग के बलरामपुर जिले के कुसमी में सबसे अधिक 280 मिलीमीटर से ज्यादा वर्षा हुई।राजधानी रायपुर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.9 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1.2 डिग्री अधिक दर्ज किया गया।दूसरी ओर बिलासपुर और कोरबा में कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो गई। कई इलाकों में विजिबिलिटी घटकर महज 10 से 15 मीटर रह गई। इसके चलते सड़कों पर वाहन चालकों को परेशानी हुई और यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बारिश और बादलों की मौजूदगी से दिन के तापमान में गिरावट आती है, जबकि रात का तापमान अपेक्षाकृत अधिक बना रह सकता है। आने वाले दिनों में आसमान साफ होने के बाद दिन का पारा सामान्य स्तर पर लौटने की उम्मीद है। वहीं रात के तापमान में गिरावट आने से ठंड का असर बढ़ सकता है।
तूफान और बारिश के कारण जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, उन्हें फसल बीमा का लाभ लेने के लिए समय पर सूचना देना जरूरी है। नुकसान होने के 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी या संबंधित विभाग को इसकी जानकारी देनी चाहिए। किसान इन माध्यमों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं:कृषि रक्षक हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 14447 पर संपर्क करें।क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के जरिए नुकसान की जानकारी दें।कृषि विभाग, संबंधित बैंक या बीमा कंपनी को सूचना दें।
बीमा क्लेम दर्ज कराने से पहले किसान को अपना नाम, मोबाइल नंबर, बीमा आवेदन या पॉलिसी नंबर, बैंक खाते का विवरण, फसल का नाम, प्रभावित खेत का रकबा और खसरा नंबर तैयार रखना चाहिए। इसके अलावा फसल को नुकसान पहुंचने की तारीख और स्थान की जानकारी भी देनी होगी।
प्रभावित खेत की फोटो और वीडियो लेकर सुरक्षित रखें। कोशिश करें कि तस्वीरों में खेत का स्थान और तारीख भी स्पष्ट हो। बीमा कंपनी या कृषि विभाग को दी गई शिकायत की रसीद, शिकायत नंबर और स्क्रीनशॉट भी संभालकर रखें।सूचना मिलने के बाद बीमा कंपनी की ओर से सर्वेयर नियुक्त किया जाता है। ऐसे में किसान सर्वे के समय खेत में मौजूद रहें और नुकसान से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराएं।