

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

9-hour scuffle in the Assembly over Nari Shakti Vandan...Government and opposition face-off over 33% reservation
रायपुर। एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान ‘नारी शक्ति वंदन संकल्प’ पर करीब नौ घंटे तक जोरदार बहस चली। मुख्यमंत्री ने सदन में महिलाओं को संसद और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए शासकीय संकल्प पेश किया, जिसे सत्ता पक्ष ने ऐतिहासिक पहल बताया।
विपक्ष का पलटवार: ‘तुरंत लागू करें, इंतजार क्यों?’
नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इरादा साफ है तो मौजूदा सीटों पर ही तुरंत एक तिहाई आरक्षण लागू किया जाए। उन्होंने देरी को महिलाओं को गुमराह करने की कोशिश बताया।
सत्ता पक्ष का तर्क: संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही होगा लागू
सरकार की ओर से महिला एवं बाल विकास मंत्री Lakshmi Rajwade ने स्पष्ट किया कि आरक्षण लागू करने के लिए जनगणना और परिसीमन जैसी संवैधानिक प्रक्रियाएं जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार तय समयसीमा के भीतर इसे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सदन में बढ़ा महिला प्रतिनिधित्व, दो महिला विधायक सभापति तालिका में शामिल
महिलाओं के सम्मान में एक अहम फैसला लेते हुए सदन में दो महिला विधायकों को सभापति तालिका में शामिल किया गया। सत्ता पक्ष से लता उसेंडी और विपक्ष से अनिला भेड़िया को यह जिम्मेदारी दी गई, जिसे प्रतीकात्मक रूप से महिला सशक्तीकरण की दिशा में कदम माना गया।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज, दोनों दलों ने एक-दूसरे को घेरा
सत्ता पक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्ष महिला आरक्षण का विरोध कर रहा है, जबकि विपक्ष ने सरकार पर केवल घोषणा करने और अमल में देरी का आरोप लगाया। कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा और रामकुमार यादव ने भाजपा को महिला विरोधी बताया, वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
मशाल रैली के जरिए समर्थन, सड़कों पर भी दिखा मुद्दे का असर
इसी मुद्दे के समर्थन में रायपुर में भाजपा महिला मोर्चा ने बड़ी मशाल रैली निकाली, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान केंद्र सरकार की पहल की सराहना करते हुए महिला आरक्षण को जल्द लागू करने की मांग दोहराई गई।
सीएम का संदेश: महिला सशक्तीकरण से ही विकास संभव
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।