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A box full of jewelry worth 1.5 million rupees was sold as scrap, but thanks to a scrap dealer's honesty, the jewelry was returned to the family.
नई दिल्ली। एक ओर जहां सोने की कीमतें लगातार उछाल पर हैं, वहीं एलआईसी एजेंट अशोक शर्मा के परिवार के लिए दीवाली से पहले बड़ा झटका उस समय लगा था, जब घर में रखे करीब 15 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण कबाड़ के साथ बिक गए। हालांकि, एक स्क्रैप कारोबारी की ईमानदारी ने परिवार की खुशियां वापस लौटा दीं।
महाकुंभ जाने से पहले छिपाए थे गहने
अशोक शर्मा जनवरी 2025 में परिवार के साथ Maha Kumbh Mela में शामिल होने प्रयागराज गए थे। घर बंद रहने के दौरान चोरी से बचने के लिए उन्होंने लगभग 100 ग्राम सोने के आभूषण एक पुराने डिब्बे में रखकर उसे कबाड़ के बोरे में छिपा दिया। उनका मानना था कि चोर कबाड़ की ओर ध्यान नहीं देंगे।
कुंभ से लौटने के बाद वे आभूषणों के बारे में पूरी तरह भूल गए। दीवाली से पहले सफाई के दौरान उन्होंने वही कबाड़ का बोरा स्क्रैप कारोबारी हाजी अख्तर को बेच दिया। अख्तर ने सामान तौलकर अन्य कबाड़ के साथ रख दिया।

ट्रक में लोडिंग के दौरान खुला राज
दो दिन पहले जब हाजी अख्तर थोक में कबाड़ ट्रक में लोड करा रहे थे, तभी एक डिब्बे से आवाज आई। शक होने पर उन्होंने डिब्बा खोला तो उसमें सोने के आभूषण देख दंग रह गए। उन्हें तुरंत अशोक शर्मा की याद आई, जो कुछ महीने पहले अपने गहनों की तलाश में उनके पास आए थे।
हाजी अख्तर ने अशोक के दिए मोबाइल नंबर पर संपर्क कर डिब्बा मिलने की जानकारी दी। उम्मीद छोड़ चुके अशोक शर्मा और उनकी पत्नी विद्या के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था।
एसीपी की मौजूदगी में लौटाए गहने
Jitesh Malhotra की मौजूदगी में हाजी अख्तर ने आभूषण अशोक शर्मा और उनकी पत्नी को सौंप दिए। एसीपी ने कहा कि 15 लाख रुपये मूल्य के गहने मिलने के बावजूद हाजी अख्तर का मन नहीं डोला, जो उनकी ईमानदारी का प्रमाण है।