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A major political upset in the Falta seat, with the TMC candidate leaving the field before voting becoming the center of discussion.
कोलकाता। पश्चिम बंगाल फाल्टा विधानसभा सीट पर होने वाले पुनर्मतदान से ठीक पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। मतदान से दो दिन पहले तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी मैदान छोड़ने का फैसला कर लिया, जिससे पूरे राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।जहांगीर खान का कहना है कि उन्होंने यह निर्णय क्षेत्र के विकास के लिए घोषित विशेष पैकेज के आश्वासन के बाद लिया है। हालांकि विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक दबाव और चुनावी हार के डर से जोड़कर देख रहा है।
शुभेंदु अधिकारी का तीखा हमला मैदान छोड़कर भागने का आरोप
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार मुकाबले से पीछे हट गए हैं और यह भी दावा किया कि उन्हें अपने पक्ष में पोलिंग एजेंट तक नहीं मिल पाए।शुभेंदु अधिकारी ने फाल्टा में प्रचार के दौरान कहा कि यह विपक्ष की कमजोरी को दिखाता है और चुनावी दबाव के कारण मैदान छोड़ने की स्थिति बनी है।
तृणमूल कांग्रेस का पलटवार राजनीतिक दबाव का आरोप
तृणमूल कांग्रेस ने इस पूरे मामले पर जवाब देते हुए कहा है कि चुनाव के बाद फाल्टा क्षेत्र में उनके कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की गई और कई स्थानों पर पार्टी कार्यालयों पर दबाव बनाया गया।पार्टी का कहना है कि उम्मीदवार का फैसला उनका व्यक्तिगत निर्णय है और इसका पार्टी से सीधा संबंध नहीं है।
पुनर्मतदान का आदेश और पूरा घटनाक्रम
उन्नीस अप्रैल को हुए मतदान के दौरान कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद निर्वाचन आयोग ने फाल्टा सीट पर पुनर्मतदान का आदेश दिया था। इसके बाद इस सीट पर राजनीतिक तनाव और बढ़ गया।अब इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और दो निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला और रोचक हो गया है।
आरजी कर मामले की सुनवाई से जुड़ा राजनीतिक माहौल
कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज से जुड़े दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच को लेकर इक्कीस मई को उच्च न्यायालय में सुनवाई होनी है। इस मामले ने पहले से ही राज्य की राजनीति में संवेदनशील माहौल बना रखा है।पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस घटना में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। इस मामले में एक आरोपी को पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
बदलते राजनीतिक समीकरण और आगे की नजर
फाल्टा सीट पर हुए इस घटनाक्रम ने पूरे राजनीतिक समीकरण को बदल दिया है। तृणमूल कांग्रेस इसे रणनीतिक निर्णय बता रही है, जबकि विपक्ष इसे दबाव में लिया गया फैसला करार दे रहा है।अब सभी की नजर पुनर्मतदान पर टिकी है, जहां यह तय होगा कि यह फैसला किसके पक्ष में जाता है और किसके लिए राजनीतिक नुकसान साबित होता है।