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A mega investment of ₹3 lakh crore in India—featuring 5 gigawatts of data center capacity—will pave the way to becoming an AI superpower.
नई दिल्ली। भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक ऐतिहासिक निवेश की घोषणा हुई है। ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख डेटा सेंटर कंपनी एयरट्रंक ने देश में करीब 3 लाख करोड़ रुपये निवेश करने का फैसला लिया है। इस निवेश के जरिए कंपनी 5 गीगावाट क्षमता वाले अत्याधुनिक डेटा सेंटर नेटवर्क का विकास करेगी, जिसे भारत के डिजिटल इतिहास के सबसे बड़े विदेशी निवेश प्रस्तावों में से एक माना जा रहा है।
पीएम मोदी ने साझा की जानकारी, AI हब बनने की दिशा में बड़ा कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस निवेश की जानकारी साझा करते हुए इसे भारत के डिजिटल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी डेटा सेंटर क्षमता तैयार होने के बाद भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो सकता है।
डेटा स्टोरेज से लेकर AI तक, बदलेगा डिजिटल परिदृश्य
नई परियोजना केवल डेटा स्टोरेज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि क्लाउड कंप्यूटिंग, AI प्रोसेसिंग, डिजिटल सेवाओं और हाई परफॉर्मेंस नेटवर्किंग को भी नई गति देगी। इससे देश में तेजी से बढ़ रही डिजिटल मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
इस मेगा प्रोजेक्ट के जरिए तकनीकी और संबंधित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। डेटा सेंटर निर्माण, संचालन, नेटवर्क प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और आईटी सेवाओं से जुड़े हजारों पेशेवरों को इसका लाभ मिल सकता है।
स्थानीय उद्योगों के लिए भी खुलेगा विकास का नया रास्ता
करीब 3 लाख करोड़ रुपये के निवेश का असर केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए बिजली, कूलिंग सिस्टम, सर्वर उपकरण, निर्माण सामग्री और अन्य संसाधनों की जरूरत बढ़ेगी। इससे स्थानीय उद्योगों और सप्लाई चेन को भी बड़ा फायदा मिलने की संभावना है।
तेज इंटरनेट और सुरक्षित डिजिटल सेवाओं का मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार देश में बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर क्षमता बढ़ने से इंटरनेट सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी। क्लाउड स्टोरेज, ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और अन्य इंटरनेट आधारित सेवाएं अधिक तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय बन सकेंगी।
डिजिटल भारत के अगले चरण की मजबूत नींव
एयरट्रंक का यह निवेश ऐसे समय में सामने आया है जब भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। AI, क्लाउड टेक्नोलॉजी और डेटा आधारित सेवाओं की बढ़ती मांग के बीच यह परियोजना देश को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर और मजबूत स्थिति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।