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A new picture has emerged after 100 days... all eyes are now on the impact of these decisions in West Bengal.
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के शुरुआती 100 दिनों ने उसके कामकाज की प्राथमिकताओं का संकेत दे दिया है। स्वास्थ्य व्यवस्था से लेकर महिला सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, उद्योग और केंद्र के साथ तालमेल तक कई क्षेत्रों में सरकार ने शुरुआती फैसले लिए हैं। प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने और सरकारी योजनाओं को तेजी से लोगों तक पहुंचाने पर भी सरकार का जोर रहा है।मुख्यमंत्री शुभेंदु के नेतृत्व में 9 मई को सरकार के गठन के बाद रोजगार, निवेश और कानून-व्यवस्था को लेकर भी कई स्तरों पर पहल शुरू की गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रशासन में फैसलों में देरी कम करने और जनता की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करने को प्राथमिकता दी जाएगी।
बांग्लादेश से लगी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पश्चिम बंगाल के लिए सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सरकार ने शुरुआती फैसलों में सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को आवश्यक जमीन उपलब्ध कराने से जुड़े लंबित मामलों को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया।इसके साथ केंद्र सरकार के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, बंदरगाह, जलमार्ग और केंद्र प्रायोजित योजनाओं से जुड़े प्रोजेक्टों में बेहतर तालमेल के जरिए विकास कार्यों को गति देने की नीति अपनाई जा रही है।
सरकार के शुरुआती 100 दिनों में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को पश्चिम बंगाल में लागू करना प्रमुख फैसलों में रहा। योजना की पोर्टेबिलिटी के कारण पात्र लाभार्थियों को देश के विभिन्न हिस्सों में निर्धारित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने की सुविधा मिलती है।सरकार का जोर स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ यह सुनिश्चित करने पर भी है कि जरूरतमंद लोगों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
महिलाओं की सुरक्षा को भी नई सरकार ने अपने शुरुआती एजेंडे में प्रमुख स्थान दिया है। कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में प्रशासनिक जवाबदेही तय करने और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में जोर दिया जा रहा है।सरकार का संदेश है कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए और पीड़ितों की शिकायतों पर प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।
पश्चिम बंगाल में निवेश आकर्षित करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। औद्योगिक परियोजनाओं को गति देने और निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने की कोशिश की जा रही है।सरकार प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने के साथ उद्योगों से जुड़े प्रस्तावों पर तेजी से निर्णय लेने की व्यवस्था मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है।
सरकार के शुरुआती 100 दिनों में लिए गए फैसलों से उसकी प्राथमिकताओं की दिशा स्पष्ट होती दिखाई दे रही है। प्रशासन में जवाबदेही, समय पर निर्णय, जनता की शिकायतों का समाधान और योजनाओं की प्रभावी निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।हालांकि, इन पहलों का वास्तविक असर तभी सामने आएगा जब फैसलों को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। आने वाले महीनों में स्वास्थ्य सेवाओं, महिला सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में होने वाली प्रगति ही यह तय करेगी कि शुरुआती 100 दिनों में दिए गए बदलाव के संकेत कितने ठोस साबित होते हैं।