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Undeterred by the rain, schoolchildren walked 40 km... the protest continued until nightfall... then came this assurance.
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में सड़क, बिजली, पानी और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर स्कूली बच्चों ने अनोखा आंदोलन किया। महाराजपुर क्षेत्र के टटम गांव के हाई स्कूल तक के छात्र-छात्राएं ग्रामीणों के साथ करीब 40 किलोमीटर की पदयात्रा कर अधिकारियों तक अपनी आवाज पहुंचाने निकले। बारिश के बीच कई घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद विधायक के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त हुआ।
टटम गांव के बच्चों और ग्रामीणों की प्रमुख मांग मढ़ापुरवा से टटम तक सड़क और पुल का निर्माण कराने की है। इसके अलावा टटम के वार्ड नंबर 20 में बिजली की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी आंदोलन में प्रमुखता से उठाई गई।आजादी के पर्व पर बच्चों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर इन समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर पैदल मार्च शुरू किया। बारिश के बावजूद उनका प्रदर्शन जारी रहा और वे करीब 40 किलोमीटर की दूरी तय कर महाराजपुर तहसील पहुंचे।
शनिवार शाम करीब सात बजे बच्चे और ग्रामीण महाराजपुर तहसील पहुंचे। यहां अधिकारियों की ओर से मिले आश्वासन से प्रदर्शनकारी संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने छतरपुर की ओर पैदल आगे बढ़ने का निर्णय लिया।रास्ते में प्रदर्शनकारी एक पेट्रोल पंप पर भी रुके। बारिश और रात का समय होने के बावजूद आंदोलन जारी रहा। बताया गया कि प्रदर्शनकारी करीब 18 घंटे तक बारिश में भीगते रहे।
रात करीब 11 बजे विधायक कामाख्या प्रताप सिंह की ओर से प्रदर्शनकारियों को आलीपुरा स्थित उनके निजी आवास पर बुलाया गया। हालांकि बच्चों और ग्रामीणों ने वहां जाने से इनकार कर दिया। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर स्पष्ट और ठोस आश्वासन चाहते थे।इसके बाद देर रात तक बातचीत और आंदोलन का दौर चलता रहा।
आखिरकार विधायक कामाख्या प्रताप सिंह की ओर से दो-तीन दिनों के भीतर सड़क और संबंधित कामों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कराने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना सत्याग्रह समाप्त किया।रविवार तड़के करीब 2:30 बजे बच्चे अपने गांव लौटे। बारिश में घंटों पदयात्रा और प्रदर्शन करने वाले इन बच्चों ने गांव की बुनियादी सुविधाओं को लेकर प्रशासन के सामने अपनी मांग मजबूती से रखी। अब ग्रामीणों और बच्चों की नजर इस बात पर है कि दिए गए आश्वासन के मुताबिक काम कब शुरू होता है।