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SECR lags in passenger amenities; water coolers at 19 stations found dirty.
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बिलासपुर स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन सीएजी यानि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की यात्री सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। देश के 16 रेलवे जोन में यात्री सुविधाओं की न्यूनतम आवश्यकताओं के आकलन में एसईसीआर का डिफिशिएंशी स्कोर 106.6 रहा, जो सबसे ज्यादा है। कम स्कोर को बेहतर प्रदर्शन माना जाता है। रिपोर्ट में बिलासपुर स्टेशन को एनएसजी-2 और ए-1 श्रेणी का स्टेशन बताया गया है। दुर्ग में हाई लेवल प्लेटफॉर्म की कमी, चांपा में पंखे, वॉटर कूलर और साइनेज की कमी और रायगढ़ में वॉटर कूलर और साइनेज की कमी मिली जबकि राजनांदगांव में पंखों की कमी दर्ज हुई है।
इसके अलावा सीएजी की रिपोर्ट में एनएसजी-1 से एनएसज-5 श्रेणी के स्टेशनों पर प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर करीब 50 मीटर की दूरी पर डस्टबीन उपलब्ध कराने का मानक है। ऑडिट में बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग में डस्टबिन की सुविधा मानक के अनुरूप नहीं मिली। यानि अमृत भारत योजना के तहत जिस स्टेशन को आधुनिक स्वरूप देने की तैयारी है, वहां ऑडिट के दौरान एक बुनियादी स्वच्छता सुविधा भी निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं पाई गई।
एसईसीआर में यात्री सुविधाओं के अलावा पीने के पानी की गुणवत्ता में भी जोन का डिफिशिएंसी स्कोर 93.35 रहा, जो सभी जोन में सबसे अधिक है। इसके मुकाबले अगर बात करें साउथ सेंट्रल रेलवे की तो वहां का स्कोर 17.53 रहा जो सबसे बेहतर माना जाता है। 2022-23 में एसईसीआर के चार और 2023-24 में तीन स्टेशनों पर पानी में क्लोरीन का स्तर निर्धारित 0.2 से 0.5 पीपीएम की सीमा से कम या अधिक पाया गया , जो अच्छा माना जाता है।
इसके अलावा ऑडिट किए गए स्टेशनों में अगर साफ-सफाई की बात करें, तो 9 जगह प्लेटफॉर्म लाइन के किनारे रेलवे ट्रैक साफ नहीं मिले। एसईसीआर के 3 स्टेशनों पर कचरा रखने के लिए निर्धारित कचरा-वाट उपलब्ध नहीं थे, जबकि 32 स्टेशनों पर स्टेशन परिसर में ही कचरा डंप किया जा रहा था और 27 जगह स्थानीय निकाय या राज्य सरकार के साथ वेस्ट डिस्पोजल का कोई एग्रीमेंट नहीं मिला है।