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A scathing attack from the election platform heats up politics on women's issues
नई दिल्ली। लोकसभा चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में आयोजित रैलियों में टीएमसी और कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दलों ने मिलकर महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है और यह राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।
नारी शक्ति वंदन विधेयक बना मुख्य मुद्दा
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को केंद्र में रखते हुए विपक्ष को घेरा। उनका कहना था कि यह कानून महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम है, लेकिन इसे लागू करने में बाधा डालने की कोशिश की गई।
जनसभाओं में दिखी रणनीतिक आक्रामकता
चुनावी रैलियों के दौरान प्रधानमंत्री का रुख काफी आक्रामक नजर आया। उन्होंने जनता के बीच यह संदेश देने की कोशिश की कि उनकी सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और भागीदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
ममता बनर्जी का पलटवार, आरोपों को बताया भ्रामक
प्रधानमंत्री के आरोपों पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जवाब देते हुए कहा कि यह बयानबाजी सच्चाई से परे है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है।
बंगाल की सियासत में बढ़ी तल्खी
इस बयानबाजी के बाद बंगाल की राजनीति और ज्यादा गरमा गई है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे चुनावी माहौल और ज्यादा तीखा होता जा रहा है।
महिला मतदाताओं पर नजर, चुनावी समीकरण पर असर
विश्लेषकों का मानना है कि महिलाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर दोनों पक्षों की सक्रियता इस बात का संकेत है कि महिला मतदाता इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक प्रभावी हो सकता है।