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A warning has echoed from the soil of Kargil, making India's next stance clear to its neighbor.
जम्मू। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर लद्दाख के द्रास स्थित युद्ध स्मारक से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अब भारत की ओर से किसी भी तरह की बातचीत केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर यानी पीओके के मुद्दे पर ही होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद और घुसपैठ की नीति अपनाने वाले पाकिस्तान के साथ पुराने तरीके से संवाद का कोई औचित्य नहीं रह गया है।
रक्षा मंत्री ने कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि 1999 की विजय केवल सैन्य सफलता नहीं थी, बल्कि भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दुर्गम और बर्फीली चोटियों पर जवानों ने जिस वीरता का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बनी रहेगी।
अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने भारत और पाकिस्तान की सोच का अंतर भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि आज भारत नवाचार, तकनीक और आधुनिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि पाकिस्तान अब भी घुसपैठ और आतंकवाद को बढ़ावा देने में लगा हुआ है।उन्होंने कहा कि भारत जहां सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइन जैसी आधुनिक तकनीकों पर काम कर रहा है, वहीं पाकिस्तान आतंकवाद की नई रणनीतियां तैयार करने में व्यस्त है। भारत स्टार्टअप और नवाचार का मजबूत इकोसिस्टम बना रहा है, जबकि पड़ोसी देश आतंक के नेटवर्क को बढ़ाने में अपनी ऊर्जा लगा रहा है।
रक्षा मंत्री ने दोहराया कि पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और उस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में दोनों देशों के बीच कोई बातचीत होती है तो उसका केंद्र केवल इसी मुद्दे पर होगा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यह स्पष्ट कर दिया है कि अब आतंकवादी और उन्हें संरक्षण देने वाली सरकारों के बीच कोई अंतर नहीं माना जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने जिस दृढ़ता और साहस के साथ हर चुनौती का जवाब दिया है, उसी संकल्प के साथ भविष्य में भी देश की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना केवल आतंकी संगठनों को शरण ही नहीं देती, बल्कि उनके साथ मिलकर काम भी करती है। उन्होंने कहा कि भारत अब ऐसी हर साजिश का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है और राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।