

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

'Adani Arogya Mandir' to be built in West Bengal at a cost of ₹4,000 crore; will have a capacity of 2,000 beds.
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में गुरुवार को एक बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई। कोलकाता के न्यू टाउन स्थित बंगाल सिलिकॉन वैली टेक हब में मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने 2,000 बिस्तरों वाले ‘अदाणी आरोग्य मंदिर’ की आधारशिला रखी। करीब 4,000 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार होने वाला यह प्रोजेक्ट पूर्वी भारत में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के अनुसार, ‘अदाणी आरोग्य मंदिर’ एक गैर-लाभकारी चिकित्सा संस्थान होगा। अस्पताल के कुल 2,000 बिस्तरों में से 1,000 बेड राज्य और केंद्र सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत पात्र आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षित रहेंगे। इसका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है।
इस परियोजना को केवल अस्पताल तक सीमित नहीं रखा गया है। परिसर में एक मेडिकल कॉलेज भी स्थापित किया जाएगा। यहां हर वर्ष 150 अंडरग्रेजुएट, 100 से अधिक पोस्टग्रेजुएट और 40 से अधिक सुपर स्पेशलिस्ट छात्रों को प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे चिकित्सा शिक्षा और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अदाणी समूह ने परियोजना में वैश्विक चिकित्सा विशेषज्ञता को जोड़ने के लिए अमेरिका की मेयो क्लीनिक ग्लोबल कंसल्टिंग और सिंगापुर की सिंगहेल्थ के साथ साझेदारी की है। इन अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की विशेषज्ञता का इस्तेमाल चिकित्सा सेवाओं, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में किया जाएगा।
स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास के साथ-साथ अदाणी समूह ने पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की प्रतिबद्धता भी जताई है। समूह की ओर से कोलकाता की विश्व प्रसिद्ध दुर्गा पूजा को वैश्विक मंच पर बढ़ावा देने की बात भी कही गई है।
मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के विकास को देश के समग्र विकास से जोड़ते हुए कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य बंगाल के विकास के बिना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि ‘अदाणी आरोग्य मंदिर’ सिर्फ एक अस्पताल परिसर नहीं, बल्कि एक इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर सिटी के रूप में विकसित होगा, जिससे मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिल सकता है।
राज्य में 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश के व्यापक विजन के तहत इस तरह की परियोजनाओं को पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य, रोजगार, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।