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Adequate stock of petrol and diesel available in Durg district
दुर्ग। दुर्ग जिले में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर सोशल मीडिया और आम जनता के बीच चल रही अफवाहों पर जिला प्रशासन ने विराम लगा दिया है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम पेट्रोल पंपों की सतत मॉनिटरिंग कर रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है और नागरिकों से पैनिक न होने की अपील की है।
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में सामान्य आवश्यकता से अधिक का स्टॉक हर समय मौजूद रहता है।
पेट्रोल लगभग 293 किलोलीटर दैनिक औसत आवश्यकता होती है, जबकि 1421 किलोलीटर स्टॉक उपलब्ध है। वहीं डीजल की लगभग 374 किलोलीटर दैनिक औसत आवश्यकता होती है, जबकि 1678 किलोलीटर स्टॉक उपलब्ध है।
वर्तमान में उपलब्ध यह स्टॉक जिले की आगामी 05 दिनों से अधिक की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह पर्याप्त है। जिले में कुल 189 पेट्रोल और डीजल पंप संचालित हैं, जहाँ ऑयल कंपनियों द्वारा लगातार सप्लाई की जा रही है।
खाद्य नियंत्रक अनुराग सिंह भदौरिया ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि, "विगत एक-दो दिनों में यह देखा गया है कि जिले की जितनी सामान्य आवश्यकता रहती है, उपभोक्ताओं द्वारा घबराहट (पैनिक) और अफवाहों के कारण उसका दो से तीन गुना तक अधिक ईंधन खरीदा गया है। इस अचानक बढ़े दबाव के कारण कुछ पेट्रोल पंपों में अस्थायी रूप से 'ड्राई' (ईंधन खत्म) होने की स्थिति निर्मित हुई थी।" उन्होंने आगे कहा कि जहाँ भी ऐसी स्थिति बनी है, वहाँ ऑयल कंपनियों से समन्वय स्थापित कर तुरंत डीजल-पेट्रोल की री-सप्लाई सुनिश्चित कराई जा रही है।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के ईंधन उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इस स्थिति का फायदा उठाकर यदि कोई भी व्यक्ति या संस्थान जमाखोरी, कालाबाजारी या कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश करेगा, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग जिला प्रशासन और खाद्य विभाग ने संयुक्त रूप से जिले के नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें और धैर्य बनाए रखें।
अनावश्यक रूप से ईंधन का संग्रहण (स्टॉक) न करें।
केवल अपनी आवश्यकता के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल खरीदें ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे और सभी को ईंधन आसानी से मिल सके।